उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद में मवई बाईपास स्थित विशाल कथा स्थल पर आयोजित बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्रीहनुमंत कथा के तीसरे दिन अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। महा दिव्य दरबार के दौरान आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा क्षेत्र श्रद्धा, भक्ति और जयकारों से गूंज उठा। दूर-दराज के जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित अन्य राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे।
तीसरे दिन के दिव्य दरबार में पं. धीरेंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सेवा, संस्कार और समरसता ही सच्ची भक्ति का मार्ग है। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों, नशाखोरी और जातिवाद पर प्रहार करते हुए सनातन मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया। कथा के दौरान हनुमान जी की भक्ति में डूबे श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए।
विशाल जनसमूह को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल, स्वयंसेवक और आयोजन समिति लगातार व्यवस्थाओं में जुटी रही। कथा स्थल पर चिकित्सा शिविर, पेयजल और स्वच्छता की भी व्यवस्था की गई,
महा दिव्य दरबार के समापन पर जैसे ही बागेश्वर सरकार ने आशीर्वचन दिए, पूरा पंडाल “जय श्रीराम” और “जय हनुमान” के नारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं का कहना है कि बांदा की धरती पर आयोजित यह कथा ऐतिहासिक बन गई है और आने वाले दिनों में भी जनसैलाब और बढ़ने की संभावना है।
बांदा से संवाददाता, विनय सिंह की रिपोर्ट