वैक्सीन प्रबैनटेबिल डिसीज से मुक्त होने के लिए सर्वैलेंस गतिविधियों को दें बढ़ावा: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी.अनुरागी
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टीकाकरण कार्यक्रम के लक्ष्य को 95 प्रतिशत के ऊपर ले जाने से ही होगा संभव
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जिला ब्यूरो चीफ जावेद अली टीकमगढ़
कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.ओ.पी.अनुरागी के मार्गदर्शन में आईडीएसपी (एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम) अंतर्गत संक्रमण को टीका से रोके जा सकने वाले रोगों की निगरानी गतिविधि प्रशिक्षण (Transition of Vaccine Preventable Disease Surveillance Activity Training) का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. के. एम. वरूण जिला टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि प्रतिभागियों को सर्वेलेंस गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षण का उद्देश्य ऐसी बीमारियों की निगरानी (सर्वेलेंस) करना है जो वेक्सीन देकर रोकी जाती हैं। सर्वेलेंस गतिविधियों के उद्देश्यों को विस्तार से सभी प्रतिभागियों के साथ साझा किया गया।
प्रशिक्षण देते हुए डॉ. सुधीर सोनी एसएमओ डब्ल्यूएचओ छतरपुर ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि छः वैक्सीन प्रिवेंटेबिल डिसीज जिसके अंतर्गत एएफपी (एक्यू्ट फेलेसिट पेरालाईसिस), एमआर (मीजल्स/रूबैला), डीपीटी (डिप्थीपरिया, परटयूसिस एवं न्यू नेटल टिटनेस) के लक्षणों एवं पहचान उपरांत उनके सेम्पल कलेक्शन आदि सर्वेलेंस गतिविधियां की जानकारी दी गई।
जिला सर्वेलेंस अधिकारी डॉ.योगेश यादव (एमडी) ने सभी मेडीकल ऑफीसर सहित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया कि हम अपना आत्मविश्वास कायम रखते हुए सभी प्रकार की गतिविधियों में समर्पण भाव से लगें। प्रतिदिन आपके सामने एएफपी प्रकरण जिनकी आयु 15 बर्ष तक का बच्चा जिसका कोई भी अंग अचानक लुंजपुंज अथवा कमजोर पड़ गया हो या किसी भी उम्र का व्यक्ति जिसमें पोलियो का संदेह हो उसकी तत्काल जांच कर दो। स्टूरल सेम्पल 24 घंटे के अंतराल में लें एवं इसी प्रकार संभावित मीजल्स के केस में किसी भी उम्र का व्यक्ति जिसे बुखार के साथ शरीर पर लाल चकत्ते हों या किसी भी उम्र का व्यक्ति जिसमें चिकित्सक/स्वावस्थ्य कार्यकर्ता को खसरा या रूवेला का संदेह हो उनका एक सीरम सेम्पल 28 दिवस के भीतर लेकर परीक्षण हेतु चिन्हित लेब में भिजवाने के निर्देश दिये।
बैठक में जिला ऐपिडेमियोलॉजिस्टम द्वारा आईडीएसपी कार्यक्रम अंतर्गत रिपोर्टिंग की विकासखण्डवार समीक्षा की गई एवं शत-प्रतिशत रिपोर्ट करने के निर्देश दिये। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ0 ओ. पी. अनुरागी ने सभी प्रतिभागियों को व्हीबपीडी सर्वेलेंस गतिविधियों को सभी संस्थाओं में सुचारू रूप से सम्पन्न करने हेतु निर्देश दिये गये।
प्रशिक्षण में बीएमओ डॉ. शांतनु दीक्षित बड़ागांव, डॉ. अंकित साहू जतारा, जिला ऐपिडेमियोलॉजिस्टर डॉ0 अल्पना सक्सेना, श्री अभय कुमार जैन व श्री निशांत सिंह भदौरिया डाटा मेनेजर आई.डी.एस.पी., जिला मीडिया अधिकारी श्री मनोज कुमार नायक सहित स्वास्थ्य संस्थाओं से चिकित्सा अधिकारी, लेब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, बीपीएम, बीईई, डब्लूएचओ फील्ड मॉनीटर उपस्थित रहे।