केशव साहू जिला ब्यूरो
डोंगरगढ़। वार्ड नंबर 2 खैरागढ़ रोड स्थित सरकारी नाले पर हुए अवैध अतिक्रमण के मामले में नगर पालिका द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद भी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। एक ओर जहां पालिका प्रशासन ने जांच के आदेश देते हुए अतिक्रमण हटाने का भरोसा दिलाया है, वहीं दूसरी ओर इस पूरे प्रकरण में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 2 में एक पाइप फैक्ट्री संचालक द्वारा सरकारी अवकाश के दिन बेधड़क अपनी फैक्ट्री के सामने स्थित पालिका के बड़े नाले पर अतिक्रमण कर दिया गया। जिस तरीके से यह निर्माण कार्य किया गया, उसने सीधे-सीधे प्रशासन को चुनौती देने का संदेश दिया। मामला तूल पकड़ने के बाद अब नगर पालिका प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। नगर पालिका द्वारा शिकायतकर्ता को आश्वस्त किया गया है कि बड़े नाले पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि दो दिनों के भीतर संचालक द्वारा किए गए पूरे अतिक्रमण को हटाया जाएगा। यदि तय समय में कब्जा नहीं हटाया गया तो आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस पूरे मामले में लोक निर्माण विभाग की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। जानकारों का कहना है कि यदि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा तीन महीने पहले ही इस निर्माण पर आपत्ति दर्ज कर रोक लगा दी जाती, तो अतिक्रमणकारी के हौसले इतने बुलंद नहीं होते। बताया जा रहा है कि पाइप फैक्ट्री संचालक ने करीब दो-तीन महीने पहले पालिका के लगभग 14 फीट चौड़े नाले को बंद करने के लिए मात्र 3 फीट के पाइप का उपयोग कर पूरे नाले पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद धीरे-धीरे मुख्य सड़क की सरकारी जमीन पर भी कब्जा जमाने का प्रयास किया जा रहा था।
हैरानी की बात यह है कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किए जाने के बावजूद उस समय किसी प्रकार की आपत्ति दर्ज नहीं की गई। अब जब मामला सार्वजनिक हुआ और विरोध बढ़ा, तब विभागीय स्तर पर नोटिस की बात सामने आ रही है, जिससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल पूरे शहर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वाकई अतिक्रमण तय समय पर हटेगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। साथ ही यह भी देखना होगा कि लोक निर्माण विभाग की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।
इस संबंध में डोंगरगढ़ के मुख्य नगर पालिका अधिकारी खिरोद्र भोई ने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही सर्वप्रथम नोटिस जारी कर संबंधित व्यक्ति को अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया गया है। यदि इसके बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध थाने में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।