झाकिर झंकार : आहवा
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 28 फरवरी को राजस्थान के अजमेर से देशव्यापी HPV टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया था। इसके बाद गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल और स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री प्रफुल्लभाई पानसिरिया की उपस्थिति में अहमदाबाद की सोला सिविल अस्पताल से राज्यव्यापी HPV टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई।
इसी अभियान के अंतर्गत आज डांग जिले के अतिरिक्त जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हिमांशु गामित ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़वी से किशोरियों के लिए HPV टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। साथ ही जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा अधिकारियों की उपस्थिति में टीकाकरण शुरू किया गया।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV वैक्सीन डांग जिले के कुल 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है और यह सभी बेटियों को निःशुल्क दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि जिले की कोई भी बेटी इस महत्वपूर्ण टीके से वंचित न रह जाए, इसके लिए सभी सावधानी बरतें।
HPV वैक्सीन को लेकर अफवाहें निराधार
गुजरात कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट (GCRI) के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने HPV वैक्सीन को लेकर फैलाई जा रही नकारात्मक टिप्पणियों और अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताया है। डॉक्टरों के अनुसार यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और बेटियों को जानलेवा सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
देश में सर्वाइकल कैंसर के चिंताजनक आंकड़े भारतीय महिलाओं में होने वाले कुल कैंसर मामलों में सर्वाइकल कैंसर दूसरे स्थान पर (लगभग 17.7%) है।
भारत में हर 4 मिनट 12 सेकंड में एक महिला में सर्वाइकल कैंसर का निदान होता है।देश में हर 7 मिनट में एक महिला की मृत्यु सर्वाइकल कैंसर के कारण होती है।
भारत में लगभग 70–75% मरीज दूसरे या तीसरे स्टेज में जांच के लिए आते हैं।
30 से 69 वर्ष की महिलाओं में यह मृत्यु का एक प्रमुख कारण है
विशेषज्ञ डॉक्टरों का मत: यह टीका क्यों जरूरी?
गुजरात कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट के डॉक्टरों के अनुसार भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसर में सर्वाइकल कैंसर दूसरे स्थान पर है। वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार देश में लगभग 1,27,526 नए मामले और 79,906 मौतें दर्ज हुईं। वहीं गुजरात में 4,928 नए मामले और 1,781 मौतें दर्ज की गईं।
यह कैंसर मुख्य रूप से HPV वायरस के प्रकार 16 और 18 के कारण होता है। 14 वर्ष की उम्र में दी जाने वाली यह वैक्सीन इन वायरस के खिलाफ शरीर में मजबूत प्रतिरोधक क्षमता विकसित करती है।
HPV संक्रमण लंबे समय तक रहने पर यह Cervical Intraepithelial Neoplasia (CIN) में बदल सकता है, जो 10 से 20 वर्षों में कैंसर में परिवर्तित हो सकता है। इसलिए किशोरावस्था में संक्रमण से पहले टीकाकरण सबसे प्रभावी बचाव
वैज्ञानिक प्रमाण और वैश्विक मान्यता
डॉक्टरों के अनुसार HPV वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर कई प्रमाण उपलब्ध हैं:
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ग्लोबल एडवाइजरी कमेटी (GACVS) ने स्पष्ट किया है कि HPV वैक्सीन और बांझपन या गंभीर दुष्प्रभावों के बीच कोई संबंध नहीं है।
इस टीके को अमेरिका की FDA और CDC जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं ने भी मंजूरी दी है।
भारत में ICMR और NTAGI ने भी HPV वैक्सीन को राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल करने का समर्थन किया है।
ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा सहित 100 से अधिक देशों ने इसे अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया है।
ऑस्ट्रेलिया में 2007 से चल रहे कार्यक्रम के बाद HPV संक्रमण और गंभीर सर्वाइकल घावों में लगभग 90% तक कमी दर्ज की गई है।
यूके में 12–13 वर्ष की उम्र में टीका लेने वाली लड़कियों में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में 87% तक कमी पाई गई है।
गुजरात सरकार की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था
इस अभियान के तहत गुजरात सरकार ने लगभग 5.50 लाख किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
निःशुल्क टीकाकरण:
बाजार में एक डोज की कीमत लगभग ₹3000 होने के बावजूद राज्य सरकार लगभग ₹150 करोड़ के खर्च से यह वैक्सीन मुफ्त उपलब्ध करा रही है।
सुरक्षा और निगरानी:
टीके की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए +2°C से +8°C तापमान में 2297 कोल्ड चेन पॉइंट सक्रिय किए गए हैं। यदि किसी किशोरी को हल्की घबराहट या सामान्य दुष्प्रभाव महसूस होते हैं तो प्रत्येक केंद्र पर डॉक्टर और दवाओं की व्यवस्था की गई है।
रियल-टाइम मॉनिटरिंग:
टीकाकरण की निगरानी के लिए राज्य में TeCHO+ और SAFE-VAC पोर्टल के माध्यम से लगातार डेटा मॉनिटरिंग की जा रही है।
सर्वाइकल कैंसर समाप्त करने का वैश्विक लक्ष्य विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वर्ष 2030 तक 90-70-90 लक्ष्य निर्धारित किया है:
90% किशोरियों का HPV टीकाकरण
70% महिलाओं की 35 और 45 वर्ष की आयु में स्क्रीनिंग
90% मरीजों को सही उपचार उपलब्ध कराना
स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी 14 वर्ष की बेटी को यह टीका अवश्य लगवाएं।
यह वैक्सीन भविष्य में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने वाला बेटियों के लिए एक मजबूत “सुरक्षा कवच” है।
“सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाएं, समय पर HPV वैक्सीन लगवाएं।”