रिपोर्टर: जाकिर झंकार
आहवा (डांग):
डांग जिले के आहवा तालुका अंतर्गत टाकलीपाड़ा ग्राम पंचायत के करंजडी गांव में स्थित आंगनवाड़ी भवन पिछले कई वर्षों से अत्यंत जर्जर और खस्ताहाल स्थिति में है। मानसून का मौसम नजदीक आने के साथ ही यह आशंका बढ़ गई है कि यह भवन कभी भी ढह सकता है और कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
स्कूल परिसर में होने से पढ़ाई पर पड़ रहा असर
वर्तमान में यह जर्जर आंगनवाड़ी स्थानीय सरकारी स्कूल के परिसर के भीतर ही संचालित हो रही है। एक ही परिसर में दोनों संस्थाओं के चलने से स्कूल के विद्यार्थियों और आंगनवाड़ी के छोटे बच्चों की गतिविधियां एक-दूसरे को प्रभावित करती हैं। इससे बच्चों को वह शांत एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण नहीं मिल पा रहा है जिसकी उन्हें आवश्यकता है।
ग्रामीणों की शिकायतें अनसुनी
ग्रामीणों का कहना है कि इस जर्जर भवन को हटाने और नई व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए कई बार संबंधित विभाग को लिखित एवं मौखिक शिकायतें दी गई हैं। इसके बावजूद ICDS विभाग के अधिकारी इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की यह उदासीनता छोटे बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ के समान है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि नए शैक्षणिक सत्र और स्कूलों के नियमित रूप से शुरू होने से पहले इस जर्जर आंगनवाड़ी भवन को तत्काल प्रभाव से ध्वस्त किया जाए। साथ ही आंगनवाड़ी को स्कूल परिसर से हटाकर किसी सुरक्षित और उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि स्कूल और आंगनवाड़ी दोनों के बच्चे बिना किसी भय और व्यवधान के बेहतर वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सकें।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र उचित निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में वे उच्च स्तर पर आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।यह संस्करण समाचार पत्र, न्यूज़ पोर्टल और सोशल मीडिया प्रकाशन के लिए उपयुक्त है।