इंडियन न्यूज़ टीवी जिला ब्यूरो चीफ लक्ष्मी सिंह की रिपोर्ट
लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास कोरबा के जिलाध्यक्ष राजकुमार दुबे ने कलेक्टर को दिए गए पत्र में कहा कि धान खरीदी केंद्र कुदमुरा के प्रभारी राजेश कुमार सिंह राजपूत की मृत्यु की जांच करते हुए, लापरवाह एवं कहीं ना कहीं मृत्यु के जिम्मेदार जिला विपणन अधिकारी श्री ऋतुराज देवांगन जी एवं जिला खाद्य अधिकारी श्री घनश्याम कंवर जी के ऊपर जांच कर FIR दर्ज करने की मांग करते हुए कहा कि
कोरबा जिले के जिला विपणन अधिकारी श्री ऋतुराज देवांगन जी एवं जिला खाद्य अधिकारी श्री घनश्याम कंवर जी की लापरवाही के कारण कोरबा जिले के कुदमुरा धान खरीदी केंद्र में दो दिवस पहले धान खरीदी केंद्र प्रभारी राजेश कुमार सिंह राजपूत की मृत्यु हाथी के द्वारा कर दी गई थी, राजकुमार दुबे ने आरोप लगाते हुए कहा कि यदि धान खरीदी केंद्र कुदमुरा के प्रभारी राजेश कुमार सिंह राजपूत की मृत्यु के जिम्मेदार प्रथम दृष्टिया कोई है, तो यही दोनों अधिकारी है, क्योंकि यह दोनों अधिकारियों ने जहां एक ओर भ्रष्टाचार में आकंठ डूब गए हैं, वहीं दूसरी तरफ संभवत: मिलरो से मोटी रकम घुस के रूप में लेकर उन्हें सहूलियत प्रदान कर रहे हैं, कोरबा जिले में लगभग 10 धान खरीदी केंद्र हाथी प्रभावित क्षेत्र में स्थापित है, जिसमें से एक प्रमुख केंद्र कुदमुरा जहां पर यह घटना घटित हुई है, इन दोनों अधिकारियों के साथ-साथ शासन /प्रशासन को अच्छी तरह से मालूम है,कि हाथी इन्हीं केन्द्रों में आकर उत्पात मचाती है, उसके बावजूद यह दोनों अधिकारी चुपचाप ऑफिस में बैठकर AC /कुलर की हवा दिनभर खाते रहते हैं, मुख्यमंत्री की घोषणा का भी इन पर कोई फर्क नहीं पड़ता है, दुबे ने कहा कि धान खरीदी के समय मुख्यमंत्री माननीय विष्णु देव साय जी ने यह घोषणा किया था कि 28 फरवरी तक सभी धान खरीदी केन्द्रों से धान का उठाव कर लिया जाएगा, लेकिन भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे दोनों जिम्मेदार अधिकारी लापरवाही की सारी हदें पार करते हुए, आज पर्यंत तक धान खरीदी केन्द्रों से धान का उठाव नहीं करवा सके हैं, जबकि लगभग 15 फरवरी तक सभी धान खरीदी केन्द्रों से धान उठाव के लिए संभवत: DO काट दिए गए हैं, लेकिन पूरे जिले की बात तो छोड़िए हाथी प्रभावित संवेदनशील धान खरीदी केन्द्रों से भी धान का उठाव करने में यह दोनों अधिकारी पूरी तरह विफल रहे हैं, इसका एकमात्र कारण मिलरो को सहूलियत देना और संभवत: उसके बदले में अपनी जेब गर्म करना है, दुबे ने कहा कि जिले में लगभग 132 मिले कस्टम मिलिंग के लिए अनुबंधित की गई है, यदि सभी मिलों को अनिवार्य रूप से हाथी प्रभावित केन्द्रों से सबसे पहले धान उठाव के लिए DO काटा गया होता, तो शायद सभी केन्द्रों से धान उठ गए होते, और एक बेकसूर धान खरीदी केंद्र प्रभारी की मौत नहीं होती, दुबे जी ने कहा कि *हर साल सूबे के मुखिया से लेकर जिला प्रशासन के मुखिया तक यही कहते हैं, कि हाथी प्रभावित इलाके से जल्द से जल्द धान का उठाव करवाया जाएगा, लेकिन जिला विपणन अधिकारी एवं जिला खाद्य अधिकारी अपने उच्च पदस्थ अधिकारियों की बातों पर संभवत: कोई ध्यान नहीं देते है, ऐसे अधिकारी कोरबा में रहने लायक बिल्कुल भी नहीं है, जिनकी वजह से किसी की जान चली जाय*, राजकुमार दुबे जी ने कलेक्टर कोरबा से निवेदन करते हुए जांच की बात कही और जांच उपरांत है,जिला खाद्य अधिकारी एवं जिला विपणन अधिकारी हाथी प्रभावित क्षेत्रों से धान का उठाव मिलरों के माध्यम से क्यों नहीं कर सके, इसके जांच के लिए भी कहा दुबे जी ने कहा कि जिनके कारण कुदमुरा धान खरीदी केंद्र प्रभारी की मृत्यु हाथी के द्वारा कर दी गई, यह दोनों अधिकारी मिलरो को मिलो से सटे हुए खरीदी केन्द्रों से धान उठाने के लिए पहले DO काट दिए थे, यदि हाथी प्रभावित क्षेत्र का DO पहले काट दिया गया होता, तो शायद एक प्रभारी की जान बच सकती थी, यह दोनों अधिकारी कुदमुरा धान खरीदी केंद्र प्रभारी राजेश कुमार सिंह राजपूत के मौत जिम्मेदार होने की संभावना व्यक्त की है, राजकुमार दुबे ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि मेरे इस पत्र की एक -एक प्रति महामहिम राज्यपाल महोदय (छत्तीसगढ़ प्रदेश) एवं विधानसभा अध्यक्ष (छत्तीसगढ़ विधानसभा) को भी भेजी जाए, ताकि विधानसभा में इस पर चर्चा हो सके, क्योंकि इन दोनों अधिकारियों की लापरवाही के कारण मुख्यमंत्री की घोषणा फेल हुई है, और एक निर्दोष व्यक्ति राजेश कुमार सिंह राजपूत जो कि कुदमुरा धान खरीदी केंद्र के प्रभारी थे उनकी जान चली गई है, दुबे ने कहा कि धान खरीदी केंद्र कुदमुरा के प्रभारी राजेश कुमार सिंह राजपूत के परिवार से किसी एक व्यक्ति को नौकरी प्रदान की जाए, एवं उनके वारिसों को शासन के नियमानुसार मुआवजा भी तत्काल दिया जाए, अब देखना होगा कि दिए गए पत्र और पत्र के परिपेक्ष में खबर प्रशासन के बाद प्रशासन क्या रुख अख्तियार करता है,