उरई(जालौन):
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आगामी माह अप्रैल में संचालित होने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों, वैक्टर जनित बीमारियों एवं दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीरेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में संचारी रोग नियंत्रण अभियान 01 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक तथा दस्तक अभियान 10 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक संचालित किया जाएगा। इन अभियानों के अंतर्गत घर-घर सर्वे, रोगियों की पहचान, त्वरित जांच एवं उपचार के साथ-साथ व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां घर-घर जाकर बुखार, इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस, क्षय रोग, डायरिया, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, कालाजार आदि के लक्षणयुक्त व्यक्तियों की पहचान कर उनका पूर्ण विवरण ई-कवच पोर्टल पर अपलोड करें, ताकि समय से उपचार सुनिश्चित किया जा सके। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि वेक्टर सर्विलांस, डोर-टू-डोर सर्वे, संदिग्ध मरीजों की जांच तथा उपचार की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर निःशुल्क परिवहन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही जन जागरूकता के माध्यम से लोगों को साफ-सफाई, मच्छरों से बचाव और सुरक्षित पेयजल के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए। नगर निकायों एवं ग्राम्य विकास विभाग को निर्देश दिए गए कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाकर जल भराव की स्थिति को समाप्त किया जाए, नालियों की नियमित सफाई कराई जाए तथा फॉगिंग एवं एंटी लार्वा छिड़काव सुनिश्चित किया जाए। खराब हैंडपंपों की मरम्मत, सोख-पिट निर्माण तथा पेयजल स्रोतों की शुद्धता की जांच को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने खुले में शौच मुक्त स्थिति बनाए रखने और स्वच्छता संबंधी गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दस्तक अभियान के माध्यम से प्रत्येक घर तक स्वास्थ्य शिक्षा पहुंचाई जाएगी, जिसमें लोगों को बताया जाएगा कि बुखार होने पर क्या करें और क्या न करें, साथ ही समय से उपचार कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस अभियान में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के साथ-साथ शिक्षकों, ग्राम प्रधानों एवं अन्य विभागीय कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता से करते हुए कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीरेंद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्र प्रकाश, सीएमएस आनंद उपाध्याय आदि सहित संबंधित अधिकारी व चिकित्सक मौजूद रहे।
(अनिल कुमार ओझा ब्यूरो प्रमुख उरई-जालौन) उत्तर प्रदेश