राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी। शहर के विकास और जनसुविधाओं को लेकर नगर निगम परिषद की महत्वपूर्ण बैठक निगम अध्यक्ष मनीष पाठक की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जलकर से जुड़ी बड़ी राहत, सौर ऊर्जा को बढ़ावा और नामकरण सहित कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए।
बैठक का सबसे बड़ा फैसला जलकर पर लगाए जाने वाले चक्रवृद्धि ब्याज को समाप्त करने का रहा। लंबे समय से नागरिकों की शिकायतों को देखते हुए परिषद ने इस पर संशोधन के साथ प्रस्ताव पारित किया। साथ ही निगम अध्यक्ष ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जिन मकानों में वास्तविक नल कनेक्शन नहीं है, उनके नाम पर जारी हो रहे जलकर बिलों की जांच कर उन्हें निरस्त किया जाए।
वित्तीय मामलों पर चर्चा के दौरान वर्ष 2025-26 के पुनरीक्षित बजट और 2026-27 के प्रस्तावित बजट पर विस्तृत विचार नहीं हो सका। महापौर और एमआईसी सदस्यों की अनुपस्थिति के चलते अब बजट पर अंतिम निर्णय 30 अप्रैल 2026 को दोपहर 12 बजे होने वाली अगली बैठक में लिया जाएगा।
संपत्तिकर को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई, जिसमें वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित कर वृद्धि को पारदर्शिता के अभाव में परिषद ने सर्वसम्मति से खारिज कर दिया। वहीं ट्रेड लाइसेंस शुल्क में संशोधन के प्रस्ताव को फिलहाल सलाहकार समिति के पास भेजने का निर्णय लिया गया।
परिषद ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सौर ऊर्जा अपनाने वाले भवनों को संपत्तिकर में छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही वीर सावरकर वार्ड क्रमांक 12 की अनुसूचित वर्ग बस्ती का नाम “संत रविदास नगर” रखने के प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से पारित किया गया।
बैठक के अंत में निगम अध्यक्ष मनीष पाठक ने कहा कि परिषद के ये निर्णय शहर के समग्र विकास, पारदर्शिता और नागरिकों को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
बैठक में विधायक संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल, निगमायुक्त तपस्या परिहार सहित जनप्रतिनिधि और निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
समयाभाव के चलते बैठक को 30 अप्रैल 2026 तक स्थगित कर दिया गया, जहां बजट सहित शेष विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।