किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
राजधानी रायपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्कर और हिस्ट्रीशीटर रवि साहू की करोड़ों की संपत्ति सीज कर दी है। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एनडीपीएस मामलों में पहली बार सफेमा (SAFEMA) कानून के तहत कार्रवाई करते हुए रवि साहू और उसके परिवार से जुड़ी कुल 16 संपत्तियों को जब्त किया है।
पुलिस के मुताबिक सीज की गई संपत्तियों की कुल कीमत करीब 7 करोड़ 66 लाख रुपए आंकी गई है। आरोपी रवि साहू ने अवैध नशे के कारोबार से अर्जित रकम से अपनी पत्नी, बेटे और मां के नाम पर करोड़ों की संपत्तियां बनाई थी। पुलिस ने इन सभी संपत्तियों को कार्रवाई के दायरे में लिया है।
डीसीपी सेंट्रल उमेश गुप्ता ने बताया कि रवि साहू के खिलाफ विभिन्न थानों में एनडीपीएस समेत कुल 55 आपराधिक मामले दर्ज हैं। लंबे समय से वह अंतरराज्यीय स्तर पर गांजा तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पुलिस कमिश्नरेट ने मामले का विस्तृत प्रतिवेदन सफेमा कोर्ट मुंबई को भी भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार में शामिल अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश है। भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। रायपुर पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई को राजधानी में नशे के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
इन संपत्तियों पर की गई कार्रवाई
रायपुर और अभनपुर क्षेत्र के माना बस्ती, पलौद, खोरपा और रायपुरा में स्थित कृषि व आवासीय भूमि, गांधीनगर, देवपुरी, कांति चौक, खम्हारडीह और बोरियाखुर्द (रायपुर) के विभिन्न वार्डों में स्थित आवासीय मकान व भवन, एक फोर्स ट्रैवलर व कमर्शियल वाहन जिनका मूल्य 7 करोड़ 66 लाख रुपये है, इन संपत्तियों को सीज किया गया है। प्राधिकरण के निर्देशानुसार अब इन संपत्तियों को बिना पूर्व अनुमति के न तो किसी को ट्रांसफर किया जा सकता है और न ही इनका कोई सौदा किया जा सकता है।
जानिए अब आगे क्या होगा?
अब प्रकरण में संबंधित पक्षों को संपत्तियों के वैध आय स्रोत के संबंध में जानकारी प्रस्तुत करनी होगी। यदि संपत्तियों का वैध स्रोत स्थापित नहीं किया जाता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए उन्हें शासन के पक्ष में स्थायी रूप से जब्त किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस कार्रवाई से आरोपी रवि साहू एवं उससे जुड़े नेटवर्क की अवैध आर्थिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी। अपराध से अर्जित संपत्तियों के उपयोग पर प्रतिबंध लगने से ऐसे अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति भी कानून के दायरे से बाहर नहीं है। उनके आर्थिक तंत्र को भी ध्वस्त किया जाएगा।