डबरा।
एक तरफ जहां पूरा प्रदेश भीषण और जानलेवा गर्मी की चपेट में है, वहीं दूसरी तरफ डबरा से बैंक प्रबंधन की एक बेहद असंवेदनशील और अमानवीय तस्वीर सामने आई है। मामला बस स्टैंड पर सूरज होटल के पास स्थित आईडीबीआई (IDBI) बैंक का है, जहां बैंक प्रबंधन की लापरवाही के कारण ग्राहकों को इस तपती धूप में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों और आधार कार्ड अपडेट कराने आए ग्राहकों से मिली जानकारी के अनुसार, आज डबरा का तापमान रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इतनी भीषण गर्मी में जब ग्राहक बैंक के भीतर आधार कार्ड केंद्र पर पहुंचे, तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था। बैंक के अंदर पैर रखने की पर्याप्त जगह थी और अंदर करीब 10 लोगों के बैठने की अच्छी व्यवस्था भी थी।
भीड़ की स्थिति यह थी कि मुश्किल से 3 से 4 लोग ही कतार में थे और पूरा बैंक खाली पड़ा हुआ था। इसके बावजूद बैंक कर्मचारियों ने मानवता को ताक पर रखकर ग्राहकों से कहा— “आप अपना नाम कागज पर लिख दीजिए और बाहर जाकर इंतजार कीजिए, नंबर आने पर बुला लिया जाएगा।”
बैंक के अंदर सारे एसी (Air Conditioner) पूरी क्षमता के साथ चल रहे थे, जिससे अंदर बैठे कर्मचारियों को तो राहत मिल रही थी, लेकिन मुसीबत बाहर खड़े ग्राहकों की हो गई। बैंक के एसी के आउटडोर यूनिट (कंप्रेशर) ठीक उसी जगह लगे हैं, जहां ग्राहकों को बाहर बैठने के लिए मजबूर किया गया। एक तो आसमान से बरसती 46 डिग्री की आग, और ऊपर से एसी के आउटडोर्स से निकलने वाली भारी गर्म हवा; इस दोहरी मार ने वहां मौजूद बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को बेहाल कर दिया।
बैंक में पर्याप्त जगह और सुविधाएं होने के बावजूद ग्राहकों को इस तरह प्रताड़ित करना बैंक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्राहकों का कहना है कि जब बैंक के भीतर जगह खाली थी, तो उन्हें इस जानलेवा गर्मी में बाहर क्यों धकेला गया? क्या बैंकों के लिए अपने उपभोक्ताओं (कस्टमर्स) की सुरक्षा और सेहत का कोई मोल नहीं है?
स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने इस घटना पर कड़ा रोष जताया है और बैंक के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस भीषण गर्मी को देखते हुए तुरंत व्यवस्था सुधारी जाए और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि दोबारा किसी नागरिक को ऐसी प्रताड़ना न झेलनी पड़े।
रोहित पाण्डेय इंडियन टीवी न्यूज़ डबरा