सोनभद्र/दुद्धी (विवेक सिंह)।
विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के पावन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को धरातल पर सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ओबरा तापीय विद्युत परियोजना द्वारा एक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परियोजना के ओबरा-सी स्टोर भवन के निकट आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का भव्य शुभारम्भ मुख्य अतिथि ई० दूधनाथ (मुख्य महाप्रबंधक, ओबरा परियोजना) द्वारा विधि-विधान से पौधरोपण कर किया गया।
इस हरित अभियान को गति देने के लिए परियोजना के शीर्ष तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से ई० एस० के० सिंघल (मुख्य अभियन्ता, सीटीपीएस) ई० अजय कुमार राय (मुख्य अभियन्ता, सिविल)
ई० निखिल चतुर्वेदी (महाप्रबंधक, प्रशासन)
इन सभी अधिकारियों ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी कमान संभाली। इनके अलावा विभिन्न अधीक्षण अभियन्ताओं, अधिशासी अभियन्ताओं, बिजली निगम के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने चिलचिलाती धूप की परवाह न करते हुए अत्यंत उत्साहपूर्वक सहभागिता की और कतारबद्ध होकर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। उपस्थित अधिकारियों और विद्युत कर्मियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मुख्य महाप्रबंधक ई० दूधनाथ ने पर्यावरण के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता जताई। मुख्य महाप्रबंधक ई० दूधनाथ ने कहा ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी और अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। हमारे लिए वृक्षारोपण केवल पांच जून के एक दिन का कार्यक्रम मात्र नहीं होना चाहिए। यह तो हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य के लिए एक सतत और जीवनभर चलने वाले प्रयास का प्रतीक है। हम सभी को लगाए गए इन नन्हे पौधों को बड़ा वृक्ष बनाने तक उनके संरक्षण एवं संवर्धन की पूरी जिम्मेदारी उठानी होगी। परियोजना के अधिकारियों ने देशव्यापी अभियान से प्रेरणा लेते हुए इस पूरे कार्यक्रम को एक पेड़ माँ के नाम – हरित ओबरा, स्वच्छ ओबरा के विशेष नारे के अंतर्गत संचालित किया। वक्ताओं ने तकनीकी दृष्टिकोण से पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने, कार्बन उत्सर्जन कम करने, हरित आवरण (Green Cover) को बढ़ाने तथा औद्योगिक क्षेत्र में स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण के निर्माण में वृक्षों की अपरिमित भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अभियान के तहत स्टोर भवन परिसर में छायादार, फलदार और वायु को शुद्ध करने वाले विभिन्न प्रकार के अनगिनत पौधे रोपे गए, जो भविष्य में इस औद्योगिक बेल्ट को हरा-भरा बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे। कार्यक्रम का समापन उपस्थित समस्त प्रतिभागियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प को दोहराने और अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।