✍ किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के चार बड़े गढ़: राजस्व, पंचायत, नगरीय प्रशासन और वन विभाग; ACB-EOW ने दर्ज किए 500 मामले
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए राज्य की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने पिछले पांच वर्षों (2021-2026) के दौरान 500 से अधिक मामलों में कार्रवाई की है। इन मामलों में सबसे अधिक शिकायतें और प्रकरण राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग तथा वन विभाग से जुड़े पाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसियों ने इस अवधि में रिश्वतखोरी, आय से अधिक संपत्ति और पद के दुरुपयोग जैसे मामलों में कई अधिकारियों और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई की जद में पटवारी, राजस्व निरीक्षक, पंचायत सचिव, इंजीनियर, वन अधिकारी तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) जैसे पदों पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी आए हैं।
राजस्व विभाग में भूमि संबंधी कार्यों, नामांतरण, सीमांकन और रिकॉर्ड दुरुस्ती के मामलों में रिश्वतखोरी की शिकायतें सर्वाधिक सामने आई हैं। वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में निर्माण कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों का खुलासा हुआ है।
नगरीय प्रशासन विभाग में निर्माण कार्यों की स्वीकृति, भुगतान और विभिन्न अनुमतियों के बदले रिश्वत मांगने के आरोपों पर कार्रवाई की गई है। वन विभाग में भी वन भूमि, परिवहन अनुमति और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अनियमितताओं से जुड़े कई मामले दर्ज किए गए हैं।
एसीबी और ईओडब्ल्यू की लगातार कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी तथा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी और सख्त की जाएगी।