किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
दुर्ग। साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश और ऑनलाइन सट्टे के वित्तीय नेटवर्क पर दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। वर्ष 2026 की शुरुआत से 29 जुलाई तक चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने 1242 म्यूल बैंक खातों की पहचान की है। इस मामले में 117 खाताधारकों और 5 म्यूल एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस मुख्यालय तकनीकी सेवा (साइबर), एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल और विभिन्न बैंकिंग संस्थानों से प्राप्त डेटा के तकनीकी एवं वित्तीय विश्लेषण में सामने आया कि साइबर ठगी और ऑनलाइन गेमिंग से अर्जित अवैध रकम को फर्जी या किराए के बैंक खातों के जरिए ठिकाने लगाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विभिन्न मामलों में करीब 3 करोड़ रुपये की विवादित राशि को फ्रीज कर अपराधियों तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया।
जांच के दौरान करीब 2000 अन्य संदिग्ध म्यूल खातों की भी पहचान हुई है, जिनकी चरणबद्ध जांच जारी है। साथ ही कुछ बैंक शाखाओं के अधिकारियों और प्रबंधकों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। यदि केवाईसी नियमों के उल्लंघन या खाता खोलने में मिलीभगत सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी लालच या कमीशन के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या यूपीआई विवरण किसी अन्य व्यक्ति को न दें। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।