दुद्धी सनभद्र।(विवेक सिंह) आदिवासी वीरांगना रानी दुर्गावती की बलिदान दिवस समारोह आज बुधवार को दुद्धी विकास खंड के ग्राम मलदेवा स्थित रानी दुर्गावती स्मारक स्थल पर श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। बावन गढ़ सतावना परगना के देवी-देवताओं का आवाहन एवं प्रकृति शक्ति की स्मृति के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
कार्यक्रम मुख्य अतिथि किन्नर अखाड़ा दुद्धी की महामंडलेश्वर किरन नंदन गिरी ने अपने संबोधन में आदिवासी समुदाय से एकजुट होकर नशे से दूर रहने तथा शिक्षा पर विशेष जोर देने का आवाहन किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम का संचालन फौजदार सिंह परस्ते और अध्यक्षता अशर्फी सिंह परस्ते ने की।
समारोह में नारी शिक्षा के महत्व पर जोर दिया गया और रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर समाज के लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि व्यक्त की।
समारोह के दौरान समुदाय ने जोरदार रूप से मांग उठाई कि आगामी जनगणना में आदिवासी धर्म कोड को लागू किया जाए, ताकि आदिवासी पहचान व सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके। सभा में यह भी उद्घोष किया गया कि “हम बनवासी नहीं, आदिवासी हैं ‘जल, जंगल, जमीन हमारी है।”
कार्यक्रम में भाग लेने वाले वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर लगातार काम किया जाएगा। समारोह के बाद स्थानीय लोगों ने सामाजिक सौहार्द्र का संदेश फैलाया और रानी दुर्गावती के बलिदान को याद कर समर्पण तथा आत्म-सम्मान का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि निरंजन जायसवाल, रामनाथ श्याम, हरे कृष्णा, हरी लाल, सीताराम राम, लखन, हीरामणि, मनबस देवी, अनीता देवी, शकुंतला, चिंता, चंद्रकला, गीत, आशा, भुनेश्वर, शिव शंकर (एडवोकेट), रामलखन, रामकिशन, रामबहादुर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।इसके अलावा स्थानीय हाई स्कूल की इंटर महिला फुटबॉल खिलाड़ी गीता, आँचल, कुमारी शांति, अनीता , प्रमिला इत्यादि भी कार्यक्रम में शामिल रहीं और समारोह को विशेष उत्साह प्रदान किया।