कटनी। शहर की प्रमुख कृषि उपज मंडी इन दिनों बदहाल व्यवस्थाओं और गंदगी के कारण चर्चा में है। स्वच्छता के दावों के बीच मंडी परिसर डंपिंग ग्राउंड में तब्दील होता नजर आ रहा है। चारों ओर सड़ी-गली सब्जियों, फलों, प्लास्टिक और अन्य कचरे के ढेर लगे हैं, जिससे किसानों, व्यापारियों और ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी के मुख्य मार्गों पर ही कचरे का अंबार लगा हुआ है। जहां से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन और किसान गुजरते हैं, वहीं कई दिनों से जमा कचरे की सफाई नहीं होने से पूरे परिसर में दुर्गंध फैली हुई है। बारिश के मौसम में हालात और भी गंभीर हो गए हैं।
सड़ते हुए जैविक कचरे के कारण मक्खियों और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। वहीं कचरे के ढेरों पर आवारा गाय और सांडों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
मंडी में उपज बेचने आने वाले किसानों और व्यापारियों का कहना है कि वे नियमित रूप से मंडी शुल्क और अन्य करों का भुगतान करते हैं, लेकिन बदले में उन्हें साफ-सुथरी और सुरक्षित व्यवस्था तक नहीं मिल रही। गंदगी के कारण माल की लोडिंग-अनलोडिंग भी प्रभावित हो रही है।
करोड़ों रुपये के राजस्व वाली इस कृषि उपज मंडी की बदहाल स्थिति मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय व्यापारियों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मंडी परिसर की तत्काल सफाई कराई जाए तथा नियमित स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को राहत मिल सके।