शहजाद आलम जिला संवाददाता सिद्धार्थनगर ITN NATIONAL
सिद्धार्थनगर जिले के कोलहूवा महरिया स्थित रेलवे अंडरपास में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माण कार्य कराए जाने के बावजूद रिसाव और जलभराव की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। अंडरपास में लगातार हो रहे पानी के रिसाव के कारण सड़क पर जलभराव बना रहता है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।बारिश के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। अंडरपास में पानी का स्तर बढ़ जाने से दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। कई बार वाहन चालक पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाते, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी पानी से होकर गुजरना पड़ता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के समय जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। अंडरपास में रिसाव रोकने और पानी की निकासी के लिए प्रभावी इंतजाम नहीं होने के कारण यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर दिलाया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।जानकारी के अनुसार जिले में निर्मित ऐसे रेलवे अंडरपासों पर प्रत्येक परियोजना में छह करोड़ रुपये से अधिक की लागत खर्च की गई है। इसके बावजूद निर्माण की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते रिसाव और जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले मानसून में स्थिति और भी खराब हो सकती है।ग्रामीणों ने रेलवे एवं संबंधित विभाग से अंडरपास की तकनीकी जांच कराकर रिसाव रोकने, जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि आम लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।