दुद्धी सोनभद्र।(विवेक सिंह) जिलाधिकारी चर्चित गोंड के आदेश के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) द्वारा 23 जुलाई को जनपद में 24 लेखपालों के तहसील क्षेत्र में बदलाव किया गया था। इस क्रम में दुद्धी तहसील क्षेत्र के 11 लेखपालों का भी स्थानांतरण कर उनके कार्यक्षेत्र में परिवर्तन किया गया था।
स्थानांतरण आदेश जारी हुए करीब 25 दिन बीत जाने के बावजूद दुद्धी तहसील के तीन लेखपालों द्वारा अभी तक अपने नवीन तहसील क्षेत्र में कार्यभार ग्रहण नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि लेखपाल चंद्रशेखर और राकेश कुमार को घोरावल और संतोष कुमार को राबर्ट्सगंज स्थानांतरण किया गया है लेकिन ये तीनों लेखपाल अब भी पूर्व क्षेत्र में ही जमे हुए हैं। अंदेशा लगाया जा रहा है कि राजनीतिक रसूख और पैसे के प्रभाव में मिलीभगत से यही जमे हुए है ।
आदेश में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया था कि स्थानांतरित लेखपालों को बिना प्रतिस्थानी की प्रतीक्षा किए तत्काल कार्यमुक्त करते हुए अनुपालन आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। इसके बावजूद तीन लेखपालों के अब तक पुराने क्षेत्र में कार्यरत रहने से आदेश के अनुपालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मामले को लेकर यह भी चर्चा है कि आखिर स्थानांतरण आदेश के बावजूद संबंधित लेखपालों को अब तक कार्यमुक्त क्यों नहीं किया गया। वहीं, राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी इस स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जबकि लेखपाल राकेश कुमार के विरुद्ध
05 अगस्त को जवाहिर पुत्र सुमारु निवासी कुलडुमरी ने एक प्रार्थनापत्र जिलाधिकारी के नाम दिया जिसमें शिकायत किया गया कि लेखपाल के द्वारा जमीन नापी के लिए 15 हजार रुपए मांगा जा रहा है । 5 अगस्त को ही लालचंद निवासी कुलडुमरी ने शिकायत्री पत्र जिलाधिकारी के नाम से दिया है जिसमें आरोप है कि लेखपाल के द्वारा अंश निर्धारण के लिए पैसे की डिमांड की जा रही है ।
वहीं लेखपाल चंद्रशेखर पर आरोप है कि विस्थापित से मुवावजा के नाम पर पैसे की डिमांड की जा रही है वो लाख रुपए प्रति विस्थापित काम करवाने हेतु लिया जा रहा है गणेश पुत्र बाबू लाल ने इसकी शिकायत उपजिलाधिकारी दुद्धी से किया था ।
चर्चा यह भी है कि इतने शिकायत के बावजूद और स्थानांतरण होने के बावजूद भी यहां जमे है । अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और स्थानांतरण आदेश का अनुपालन नहीं करने वाले संबंधित लेखपालों के संबंध में क्या कार्रवाई की जाती है।