पीएम श्री कंपोजिट स्कूल टेनी में मदर मेले का भव्य आयोजन, अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बालिका शिक्षा एवं सशक्तिकरण का दिया संदेश
स्थान: टेनी, हरियावां, हरदोई, उत्तर प्रदेश
दिनांक: 11 अक्टूबर 2026, रविवार
हरदोई। जनपद हरदोई के हरियावां क्षेत्र स्थित पीएम श्री कंपोजिट स्कूल टेनी में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर मदर मेले का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से बालिका शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया गया। मेले का उद्देश्य बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ अभिभावकों और समाज को बेटियों की शिक्षा के महत्व से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों, ग्रामीणों तथा क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल रहा। कार्यक्रम को आकर्षक ढंग से सजाया गया, जिससे मेले की रौनक बढ़ गई। उपस्थित लोगों ने बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य, शिक्षा के महत्व और समाज में उनकी भागीदारी को लेकर अपने विचार साझा किए।
बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने पर दिया जोर
मदर मेले के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए बालिकाओं को शिक्षित करना बेहद जरूरी है। बेटियों को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराकर ही उन्हें आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाया जा सकता है। बालिकाओं की शिक्षा केवल उनके व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे परिवार, समाज और देश का भविष्य भी मजबूत होता है।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि बालिकाओं को पढ़ाई के साथ-साथ अपने अधिकारों, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मसम्मान के प्रति भी जागरूक होना चाहिए। अभिभावकों से अपील की गई कि वे बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने तथा जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
मदर मेले के दौरान छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विभिन्न गतिविधियों ने कार्यक्रम को आकर्षक बनाया। बच्चों ने अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता के माध्यम से उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। विद्यालय परिसर में मौजूद अभिभावकों और ग्रामीणों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मक सोच और सामाजिक सहभागिता की भावना विकसित होती है। साथ ही, उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर बच्चों के सर्वांगीण विकास से जोड़ने का भी माध्यम बना।
अभिभावकों और ग्रामीणों की सहभागिता रही महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में अभिभावकों और ग्रामीणों की सहभागिता ने बालिका शिक्षा के प्रति सामुदायिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। किसी भी बालिका को शिक्षा से वंचित न रखा जाए, इसके लिए परिवार और समाज की सकारात्मक भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।
इस अवसर पर बेटियों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने, उनकी पढ़ाई में सहयोग करने और उन्हें अपनी रुचि के अनुसार आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही, लड़के और लड़कियों के बीच किसी भी प्रकार का भेदभाव न करने तथा दोनों को समान अधिकार और अवसर देने की सोच विकसित करने का संदेश दिया गया।
बाल विवाह और लैंगिक भेदभाव के प्रति जागरूकता का संदेश
मदर मेले का एक प्रमुख उद्देश्य बालिकाओं के सामने आने वाली सामाजिक चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी रहा। बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव, शिक्षा से वंचित रखना और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें अपने भविष्य के निर्णय लेने में सक्षम बनाया जा सकता है। इसके लिए परिवार, विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। बालिकाओं को सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
बेटियां हैं समाज की शक्ति
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित इस मदर मेले ने यह संदेश दिया कि बेटियां समाज की शक्ति हैं और उनकी शिक्षा देश के विकास की आधारशिला है। जब बालिकाओं को समान अवसर, सुरक्षित वातावरण और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलता है, तो वे शिक्षा, विज्ञान, खेल, कला, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं।
कार्यक्रम के समापन पर बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, महिला सशक्तिकरण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने तथा समाज में समानता और सम्मान की भावना मजबूत करने का संदेश दिया गया। पीएम श्री कंपोजिट स्कूल टेनी में आयोजित यह मदर मेला बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अभिभावकों एवं समुदाय को इस दिशा में प्रेरित करने का एक सार्थक प्रयास रहा।

