बारीपदा, मयूरभंज।
ओडिशा के मयूरभंज जिले से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। एक सरकारी आश्रम विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर छठी कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित रूप से यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा है। मामले में छात्रा के पिता ने संबंधित थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, आरोपित प्रधानाध्यापक की तलाश की जा रही है।इस घटना ने एक बार फिर आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा और विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना मयूरभंज जिले के शुकृली ब्लॉक अंतर्गत घाघी आश्रम विद्यालय की बताई जा रही है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्रीकृष्ण पात्र पर आरोप है कि उन्होंने गत 25 सितंबर को छठी कक्षा की एक छात्रा को अपने कार्यालय में बुलाया था। आरोप के मुताबिक, उन्होंने छात्रा से कार्यालय के दरवाजे और खिड़कियां बंद करने को कहा। इसके बाद कार्यालय के अंदर छात्रा के साथ कथित रूप से अनुचित व्यवहार किया गया।बताया जा रहा है कि घटना के बाद पीड़ित छात्रा ने छात्रावास में कार्यरत दो महिला मेट्रन को इसकी जानकारी दी थी। हालांकि, आरोप है कि मामले को गंभीरता से लेने और उचित अधिकारियों तक पहुंचाने के बजाय इसे दबाने का प्रयास किया गया। इन आरोपों की भी जांच की आवश्यकता है।
अभिभावकों को जानकारी मिलने के बाद खुला मामला
जानकारी के अनुसार, जब छात्रा ने फोन के माध्यम से अपने अभिभावकों को घटना के बारे में बताया, तब यह मामला सामने आया। अपनी बेटी के साथ हुई कथित घटना की जानकारी मिलने के बाद उसके पिता ने मामले को लेकर ररुआं थाने में प्रधानाध्यापक श्रीकृष्ण पात्र के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस विद्यालय पहुंचकर घटना से संबंधित तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। साथ ही, छात्रा के बयान, संबंधित कर्मचारियों की भूमिका तथा अन्य आवश्यक साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपित की तलाश जारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 206/75, 77 और 78 तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम यानी पॉक्सो (POCSO) की धारा 8, 10 और 12 के तहत मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, संबंधित धाराओं और प्राथमिकी के विवरण की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।बताया जा रहा है कि प्रधानाध्यापक फिलहाल फरार हैं और ररुआं पुलिस उनकी तलाश कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
मयूरभंज जिले में सामने आए इस मामले ने अभिभावकों और आम लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। विद्यालयों और छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यदि किसी बच्चे के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत मिलती है, तो उस पर तत्काल कार्रवाई करना और बच्चे को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है।अब सवाल यह है कि इस मामले में पुलिस जांच के दौरान क्या तथ्य सामने आते हैं? छात्रा की शिकायत पर आगे क्या कार्रवाई होती है और कथित रूप से मामले को दबाने के आरोपों की जांच किस प्रकार की जाती है? इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।फिलहाल, पुलिस आरोपित प्रधानाध्यापक की तलाश में जुटी है। मामले में किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज, स्टेट हेड।