गाजीपुर। शनिवार सुबह लगभग 10 बजे पुर्व विधायक मुख्तार अंसारी की नमाज़-ए-जनाज़ा प्रिन्स मैदान में अदा की गयी तथा उनके खानदानी कब्रिस्तान काली बाग में उनकी मां की कब्र के पास सुपुर्द-ए-खाक किया गया। मुख्तार अंसारी का बड़ा बेटा अब्बास अंसारी जो मऊ जनपद की सदर सीट से विधायक है न्यायालय से आदेश नहीं मिलने के कारण कासगंज की जेल से पिता के जनाज़ा में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली।
ज्ञात हो कि गुरुवार शाम को जिला कारागार बांदा में मुख्तार अंसारी की तबीयत बिगड़ने के बाद रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। परिवार की उपस्थिति में शुक्रवार को पंचनामा कर पोस्टमार्टम किया गया, उसके बाद शाम लगभग 5 बजे भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ मुख्तार अंसारी के शव को उनके पैतृक आवास युसूफपुर, मोहम्मदाबाद – गाजीपुर के लिए रवाना किया गया। शव के साथ मुख्तार अंसारी का बेटा उमर अंसारी, बहु निकहत परवीन व अन्य लोग साथ थे। शनिवार सुबह हर कोई मुख्तार अंसारी के आखरी दीदार करने के लिए बेचैन था। लगभग 10 बजे पुर्व विधायक मुख्तार अंसारी की नमाज़-ए-जनाज़ा प्रिन्स मैदान में अदा की गयी तथा उनके खानदानी कब्रिस्तान काली बाग में उनकी मां की कब्र के पास सुपुर्द-ए-खाक किया गया। मुख्तार अंसारी के जनाज़े में लाखों लोग शामिल थे। नगर में कर्फ्यू जैसा माहौल देखने को मिला एवं हर समुदाय के लोगों ने नम आंखों से अपने प्यारे रहनुमा को अलविदा कहा। इस मौके पर शासन-प्रशासन के लोग हर तरह से सतर्क एवं मुस्तैद थे।
प्राप्त सुचना के अनुसार मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी व परिजनों ने मुख्तार अंसारी की मौत को स्वाभाविक मौत नहीं माना, उन सभी लोगों ने आरोप लगाया कि यह सुनियोजित हत्या है। मुख्तार अंसारी ने भी 19 मार्च को खाने में स्लो प्वाइजन देने का आरोप लगाया था एवं 26 मार्च को भी बांदा जेल से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के आई०सी०यू० वार्ड में भर्ती कराया गया था जहां उनको 14 घंटे के इलाज के बाद पुनः बांदा जेल भेज दिया गया। कुछ दिनों पूर्व भी इसी तरह का आरोप लगाया गया था एवं मुख्तार अंसारी का खाना चखने वाले, मुख्तार अंसारी समेत सभी लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
सुपुर्द-ए-खाक का कार्य समाप्त होने के बाद मुख्तार अंसारी के बड़े भाई सांसद अफज़ाल अंसारी से मिडिया ने आगामी लोकसभा चुनाव के मुद्दे पर भी बात की। अफज़ाल अंसारी ने बताया कि मुख्तार अंसारी को जनता राबिन हुड कहती थी जिसका जीता-जागता सबूत आखरी दीदार एवं मिट्टी देने के लिए रोज़ा रख कर आयी हुई यह लाखों की भीड़ है। मिडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए अफज़ाल अंसारी ने कहा कि यह अन्दर की बात है, गरीब हमारे साथ है।