मांगों को लेकर ग्राम प्रधान संगठनों ने सीडीओ को सौंपा पत्रक, कहा – मांगे पूरी नहीं होंगी तो विकास कार्य होंगे बंद
गाजीपुर। प्रदेश सरकार ने लगातार प्रधानों के ऊपर शिकंजा कस्ती चली आ रही है। इसको लेकर प्रधान संगठनों ने शुक्रवार को सदर ब्लॉक के सभागार में बैठक कर एक जुट का परिचय देकर मुख्य विकास अधिकारी को पत्र दिया की ग्राम पंचायत का भुगतान पूर्व की तरह से किया जाए और पंचायत सहायक से फेस स्कैन और रिकग्नाईजेशन को समाप्त करने की मांग की है। प्रधान संगठन के पदाधिकारियों और प्रधानों ने कहा कि जबतक यह व्यवस्था समाप्त नहीं होती है तब तक के लिए विकास कार्य बंद कर दिया जाएगा और नही कोई भुगतान किया जाएगा।
प्रधान संघ अध्यक्ष मदन सिंह यादव ने कहा कि इस बार शासन व प्रशासन के जुमले में नही पड़ना है। उन्होंने कहा कि पंचायत सहायक की नियुक्ति का अधिकार प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष प्रधान है और पंचायत सहायक की नियुक्ति को 2 वर्ष से अधिक समयत व्यतीत हो जाने के पश्चात भी इनकी नियुक्ति समिति के अध्यक्ष एव उनके सदस्यों द्वारा नवीनीकृत नहीं हो सकी साथ ही इनके ऊपर कोई प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित नहीं किया जा सका है। इनके जॉब चार्ट एवं अन्य कार्य हेतु आदेश निर्देश शासन प्रशासन एवं जनपद स्तर से ही निर्गत किया जा रहा है ऐसी स्थिति में वित्तीय प्रबंधन की पंचायत गेटवे प्रणाली में नियंत्रण होने का कारण क्यूआर कोड वेरीफायर के रूप में इनके पंजीयन के बाद भुगतान प्रणाली पर गहरा प्रभाव पड़ेगा जो ग्राम पंचायत के विकास में हितकर नहीं होगा।
ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष नागेंद्र सिंह यादव ने कहा कि पंचायत सहायक हाई स्कूल इंटरमीडिएट की मेरिट पर नियुक्ति नॉन टेक्निकल अल्प मानदेय प्राप्त कर्मी हैं। भले ही उनके पदनाम के साथ अकाउंटेंट काम डाटा एंट्री ऑपरेटर है तथा पंचायत सहायक की नियुक्ति कोरोना काल में मेरिट को इग्नोर करते हुए अनुकंपा के आधार पर ही हुई थी। इनका अनुबंध ग्राम पंचायत से प्रथम वर्ष संविदा पर तथा कार्य संतोषजनक पाए जाने पर उनकी संविदा वर्ष नवीनीकरण अधिकतम 2 वर्ष के लिए किया जा सकेगा। पंचायत सहायक हेतु नियुक्ति शासनादेश के अनुरूप बिंदु संख्या 07 द्वारा पंचायत सहायक का अनुबंध ग्राम पंचायत से अधिकतम 3 वर्ष के लिए ही किया जा सकता है। अधिकांश मानदेय पर कार्यरत पंचायत सहायक का कार्यकाल दिसंबर 2024 में समाप्त हो जायेगा। ऐसे में ग्राम पंचायत के भुगतान संबंधित प्रकरण में उनकी सहभागिता प्रासंगिक एवं समायोजित नहीं है, अपितु विवाद का कारण बनेगा।
इस बैठक का संचालन कर रहे ब्लॉक अध्यक्ष रामज्ञान यादव ने भी कहा कि प्रधानों की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। शासन ने प्रधानों के साथ मनमाने आदेश लागू कर प्रधानों के अधिकार को क्षीण कर रही है। अब प्रधान आंदोलन करने को मजबूर हो चुका है। आठ सूत्रीय मांग पत्र मुख्य विकास अधिकारी को सौंपा गया है और मांग पूरी नहीं हुई तो प्रधान संगठन सड़क पर उतर कर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस बैठक में जनार्दन यादव, अभिमन्यु यादव, योगेंद्र कुशवाहा, गुड्डू राय, सुभाष यादव, राजेश यादव, पप्पू यादव, सोनू यादव, रमेश यादव, अवधेश यादव, गुरु प्रसाद यादव, पप्पू कुशवाहा, संजय यादव, प्रदीप यादव, फेकन यादव सहित अन्य प्रधानगण उपस्थित रहे।
ज़ियाउल हसन अंसारी, मण्डल ब्यूरो
वाराणसी आजमगढ़ मण्डल