जनपद फतेहपुर:-
उत्तर प्रदेश के जिला फतेहपुर में कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में लगभग 31 लाख का महाघोटाला फतेहपुर:-
जिले के 13 विकासखंड के 10 ब्लॉकों में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का है मामला कोरोना महामारी से जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हैं। वहीं संक्रमण के इस दौर में भी आपदा को अवसर में तब्दील करने वालों की कमी नहीं है। जिले के कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां पढ़ने वाली बच्चियां स्कूल में रही नहीं और विभिन्न मदों में 31.162 लाख रुपए का भुगतान हो गया। यह केवल अकेला जनपद नहीं है जहां इतना बड़ा घोटाला सामने आया है बल्कि प्रदेश के 18 अन्य जनपदों में भी घोटाले की बात सामने आ रही है। विषय जांच का है लेकिन जिस तरह से करीब 32 लाख रुपए को ठिकाने लगाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई है उससे कर्ता-धर्ताओं की गर्दन फंसना तय है। हलांकि जिम्मेदार अपनी तरह से मामले को लेकर सफाई दे रहे हैं।
फतेहपुर के 13 विकास खंडों में 10 ब्लॉकों में ऐरायां, भिटौरा, धाता, हसवां, हथगांव, मलवां, तेलियानी विजयीपुर,असोथर में कस्तूरबा आवासीय विद्यालय संचालित हैं। और हर विद्यालय में 100 छात्राओं का पंजीकरण किया गया है। गत वर्ष भी कोरोना के चलते पूरे देश में पठन-पाठन की अव्यवस्था रही, और स्कूल,कॉलेज बंद रहे लेकिन कोरोना की पहली लहर के धीमे पडते ही राज्य परियोजना ने 10 फरवरी को एक पत्र जारी कर विद्यालयों को खोलने के निर्देश दिए। कस्तूरबा विद्यालयों में छात्राओं की संख्या शून्य हो गयी। जबकि भोजन मद में 20.713 लाख, मेडिकल केयर में 5.004लाख, स्टेशनरी तथा शिक्षण सामग्री मद में 5.444 लाख कुल मिलाकर 31.162 लाख रुपए की खपत की गई। विद्यालयों को कोरोना के चलते 24 मार्च को पुनः लाकडाउन के आदेश के बाद बंद करने के आदेश जारी हुए तो कस्तूरबा विद्यालयों में भी ताला लग गया।
अब देखना ये है कि इस उलझी हुई गुत्थी को प्रशासन कैसे सुलझाएगा।
जिला संवाददाता:- दीपक मिश्रा, राम जी कैमरा मैंन के साथ इंडियन टीवी न्यूज चैनल