धसान नदी में सुजारा बांध से आये पानी से धसान नदी का जलस्तर बढ़ा, रेत माफिया मायुस होकर भागे ।
कंपनी ठेकेदार के जाते ही रेत माफिया नालों की खुदाई कर निकाल रहे रेत ।
नौगांव । धसान नदी के अलीपुरा घाट और टीला घाट से लेकर गर्रोली के सरदन घाट से लेकर अन्य घाटों से रेत का अबैध कारोबार बड़े पैमाने में फल फूल रहा था और रेत माफिया दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक अबैध रेत कारोबार में लिप्त माफिया बेखोप होकर रेत का कारोबार फल फूल रहा और शासन प्रशासन अनभिज्ञ होकर तमाशबीन बना मगर रेत माफियाओं के अरमानों पर उस समय पानी फिर गया जब सुजारा बांध से छोड़ा पानी से धसान नदी में जलस्तर बढ़ गया और बढ़ते जल स्तर को देख रेत माफिया अपना बिस्तरा बोरिया बांधकर रफूचक्कर हो गए जिससे धसान नदी के घाटों पर होने वाली रेत उत्खनन का काम विगत 2 माह से बंद पड़ा हुआ है।

कंपनी के ठेकेदारों के भगते ही कुछ रेत माफिया इसका फायदा उठाते हुए नालों से रेत निकाल उत्खनन करने में जुट गए है मिली जानकारी के मुताबिक आनंदेश्वर एग्रो लिमिटेड कंपनी के द्वारा शासन को विगत 3 माह से किस्त जमा ना होने के कारण नदी के घाटों पर सैकड़ों ट्राली रेत डंप कर ली गई थी जिसकी भनक खनिज विभाग को लगी और खनिज विभाग ने राजस्व अमला के साथ मिलकर जब्ती की कार्रवाई की गई मगर कुछ दिनों बाद सिस्टम जमाकर यह रेत रातों-रात कंपनी के पेटी कांट्रेक्टर के द्वारा बेच दी गई और प्रशासन को एक पैसे का भी फायदा नहीं हुआ कुल मिलाकर एक सिस्टम के तहत जप्त की गई रेत बेचकर राजस्व को चुना लगाकर रेत माफियाओं ने बेच डाली लेकिन अब धसान नदी में जलभराव होने के कारण कंपनी के ठेकेदार अपना सामान उठाकर रफूचक्कर हो गए जिसका फायदा रेत माफिया उठाने में लगे हुए हैं यह माफिया नालों के घाटों को तोड़कर रेत का उत्खनन करने में लगे हैं और आनंदेश्वर एग्रो लिमिटेड कंपनी एवं शासन के बीच किस्तों को लेकर रेत उत्खनन के लिए असमंजस की स्थिति बनी हुई है यदि कंपनी द्वारा पैसा जमा किया जाता है तो आने वाले दिनों में कंपनी को रेत निकालने का बैध लाइसेंस मिलने की संभावना है और यदि ऐसा नहीं होता है तो एक बार फिर रेत का अवैध कारोबार इस क्षेत्र में तेजी से फलने फूलने लगेगा फिरहाल अलीपुरा एवं टीला धसान नदी के घाटों पर भले ही ब्रेक लगा हो मगर रेत माफिया नालों की खुदाई कर कारोबार करने में जुटे हुए है ।