चित्तौड़ गढ़
सुरेश शर्मा
बूढ़े मां बाप का तू फर्ज मत भूलना…
बूढ़ मेले में भोर तक चला कवि सम्मेलन
गंगरार। उपखंड क्षेत्र की बूढ़ ग्राम पंचायत मुख्यालय पर शुक्रवार को महा शिवरात्रि के दो दिवसीय मेले के अवसर पर श्री मंशापूर्ण महादेव मंदिर प्रांगण में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
मंशापूर्ण महादेव मंदिर समिति के सदस्यों सरपंच प्रतिनिधि हीरा लाल गुर्जर, दिनेश शर्मा रामेश्वर लाड, मुकेश जाट बद्री लाल जाट, भैरु लाल जाट ने अतिथियों एवं कवियों का स्वागत किया। कवि सम्मेलन का शुभारंभउज्जैन से आई कवयित्री निशा पडित की सरस्वती वंदना से हुआ। इस दौरान बनेड़ा के मुकेश चेचानी ने अपनी हास्य रचनाओं से श्रोताओं को खूब हंसाया। कवि सम्मेलन में नरेंद्र सिंह रावल उदयपुर ने चंदन के बलिदान पर काव्य पाठ करते हुए मां पन्नाधाय के त्याग पर रचना सुनाकर खूब तालियां
बटोरी। इसी प्रकार नाथद्वारा के कानू पंडित ने मेवाड़ी में हास्य रचनाओं के साथ साथ जिंदगी में लाख चाहे हो उड़ान ऊंची तेरी, बूढ़े मां बाप का तू फर्ज मत भूलना से कवि सम्मेलन को ऊंचाइयां प्रदान की। कवि सम्मेलन के सूत्रधार कवि सोहन चौधरी चौगांवड़ी ने शिव महिमा से ओतप्रोत रचना ये शंकर तो भोले शंकर है एवं शहीद की रचना पढ़ी। निशा पडित उज्जैन ने श्रृंगार रस के कई गीत पढ़कर श्रोताओं को गुदगुदाया।
राजस्थानी गीतकार राजकुमार बादल ने एक फेरो और लाड़ी एक फेरो और, नामक बेटियों पर गीत, फैशन पर रचना पढ़ी। आधा इतिहास टिका जिस पर वो बूढ़ा कीरत बारी था, रचना से मेवाड़ के कालजयी इतिहास को जीवन कर दिया। भीलवाड़ा से आए वीर रस के कवि योगेंद्र शर्मा ने कई देशभक्ति रचनाएं पढ़ी। कवि सम्मेलन का संचालन बेगू से आए कवि अजय हिन्दुस्तानी ने किया।