सीमा सुरक्षा बल द्वारा संचालित रुस्तमजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में संस्थान के संस्थापक पद्मविभूषण स्वर्गीय श्री के. एफ. रुस्तमजी की जयंती को फाउंडर्स डे के रूप में श्रद्धा और उत्साहपूर्वक मनाया गया।
इस अवसर पर प्रातःकाल संस्थान के छात्रों एवं व्याख्यातागणों ने तिरंगा रैली निकाली। यह रैली संस्थान से प्रारंभ होकर सीमा सुरक्षा बल अकादमी, टेकनपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम तक आयोजित की गई।
रैली में सीमा सुरक्षा बल अकादमी टेकनपुर की सभी यूनिट्स ने भाग लिया। रैली को डॉ. शमशेर सिंह, भा.पु.से, अतिरिक्त महानिदेशक / निदेशक अकादमी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली में स्वर्गीय श्री के. एफ. रुस्तमजी के सुपुत्र श्री साइरस रुस्तमजी, श्री आर. के. चौधरी (सेवानिवृत्त महानिरीक्षक), श्री अरविन्द सक्सेना (महानिरीक्षक, ग्वालियर रेंज) तथा अकादमी के अन्य अधिकारी एवं जवानों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।
*रैली के दौरान सभी यूनिट्स ने अपने द्वार पर स्वागत की भव्य व्यवस्था की। इस अवसर पर ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए सीमा सुरक्षा बल के सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।*
रैली के उपरांत आयोजित कार्यक्रम में कौटिल्य सभागार में स्वर्गीय श्री रुस्तमजी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सीमा सुरक्षा बल के उप महानिदेशक डॉ. शमशेर सिंह ने अपने उद्बोधन में छात्रों को नवाचार हेतु प्रेरित किया तथा स्वर्गीय श्री के. एफ. रुस्तमजी के जीवन से प्रेरणा लेने की सलाह दी।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में स्वर्गीय श्री के. एफ. रुस्तमजी के सुपुत्र श्री साइरस रुस्तमजी को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि रुस्तमजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के किसी भी कार्य हेतु वे सदैव उपलब्ध रहेंगे। उनके साथ सीमा सुरक्षा बल से सेवानिवृत्त महानिरीक्षक श्री आर. के. चौधरी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के पश्चात श्री साइरस रुस्तमजी ने संस्थान का भ्रमण किया एवं छात्रों तथा व्याख्यातागणों से तथ्यपरक व सम्यक चर्चा की।
इस अवसर पर श्री साइरस रुस्तमजी ने यह विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान मुख्य प्रशासक श्री ए. के. आर्य (डी.आई.जी.) एवं प्राचार्य कमांडेंट श्री मनीष चंद्रा के नेतृत्व में उत्तरोत्तर प्रगति करता रहेगा।
रिपोर्ट गजेन्द्र सिंह यादव