मेला गुघाल जो हर वर्ष की भाति लगता आया है इस वर्ष भी ठेकेदारो द्वारा मेले मे अवैध रूप से चल रही उगाई चर्चा का विषय बनी हुई है जिसका जवाब नगर निगम के समुचित अधिकारियो के पास नहीं है ” जब सईया कोतवाल तो कहे ना डर” ये कहावत नगर निगम के भ्रष्ट अधिकारियो से लेकर ठेकेदारो पर सटीक बैठेती है जो नगर निगम के चोर उचक्को की शह पर महानगर की जनता को लूट रहे है जिसकी शिकायत युवा पत्रकार गौरव सक्सेना ने जिलाधिकारी मनीष बंसल से लिखित रूप की है शिकायती पत्र मे झूलो के अनफिट होने से लेकर अवैध वसूली तक का जिक्र किया गया है जिसमे सिस्टम के ही कुछ भृष्ट अधिकारी मिले हुए है जिन्होंने अपना ईमान चंद रुपयों के लालच मे वशीभूत होकर बेच दिया है जो अपनी सरकारी ड्यूटी को भी ठीक तरह से नहीं निभाते जिसका खामियाजा महानगर की जनता को मेले मे भुगतना पड़ रहा है मेला परिसर मे झूले टूटने से होने वाली जनहानि की सूचना से महानगर की जनता मे आक्रोश है सवाल सिस्टम के लाचार का है आखिर सरकारी तन्खा पाने वाले कुए के मेंढक दो पैसे के चक्कर मे झूलो का फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट बना देते है जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन के किसी भी आलाधिकारी की नहीं होती आखिर कब तक भोली -भाली जनता ठेकेदारो व भ्रष्ट अधिकारियो के बीच यू ही पिसती रहेगी क्या धन का लोभ मनुष्य की जान से आज भी बड़ा है
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़