सत्ता के करीबी माफियाओ की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अवैध खनन न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि यह स्थानीय समुदायों के लिए भी समस्याएं पैदा कर सकता है।
अब्दुल और राकेश की शिकायत के अनुसार, कलसिया चौक पर पुलिस द्वारा ट्रकों की चेकिंग की जा रही थी, लेकिन कई ट्रक खनन सामग्री लेकर छूट मलपुर की ओर जा रहे थे। यह दर्शाता है कि अवैध खनन की गतिविधियाँ व्यापक हो सकती हैं और इसमें कुछ प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता हो सकती है।
स्टोन क्रेशर वालों द्वारा नदी से खनन और बड़ी गाड़ियों बोगी से डाला जा रहा है, जो कि पर्यावरण और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरनाक हो सकता है। बोगी वालों को 600 रुपये प्रति रात मिलने की बात से पता चलता है कि यह एक संगठित गतिविधि हो सकती है।
पुलिस की 112 गाड़ी का खड़ा रहना और अवैध खनन की गतिविधियों का जारी रहना, यह दर्शाता है कि पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा सकते हैं।
आपको इस मुद्दे पर प्रशासन और पर्यावरण विभाग को सूचित करना चाहिए और कार्रवाई की मांग करनी चाहिए।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़