केशव साहू जिला संवाददाता
मामला – ग्राम पंचायत चौथना का।
डोंगरगढ़ । जनपद पंचायत डोंगरगढ़ के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत चौथना के ग्रामीणों द्वारा सरपंच व वर्तमान सचिव के द्वारा 15 वें वित्त की राशि का दुरुपयोग कर कार्य कराने का आरोप लगाते हुए भ्रष्टाचार किए जाने की शिकायत को लेकर डोंगरगढ़ अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) एम भार्गव से सौजन्य मुलाकात कर इस विषय में चर्चा कर ज्ञापन के माध्यम से शिकायत की गई है और पूरे मामले में सूक्ष्मता से जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की गई है। बुधवार को ग्राम पंचायत चौथना के आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण महिला पुरुष तहसील कार्यालय पहुंचकर सचिव वन्दना मेश्राम व सरपंच मालती उइके द्वारा 15 वें वित्त की राशि का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार करने की शिकायत को लेकर बताया गया कि ग्राम पंचायत चौथना के आश्रित ग्राम भर्रीटोला में शासकीय 15 वे वृत्त्त की राशि को नीजि भूमि में बोर कराकर हैंडपंप बनाया गया है जबकी वह शासकीय भूमि पर होना था। किसी नीजि व्यक्ति के भूमि में नहीं। जब इसकी भनक ग्रामवासियों को लगी तो ग्राम सभा की मिटींग में इस विषय पर चर्चा करने पर खुलासा हुआ। जिसमें सरपंच पति द्वारा बोला गया कि हमने जिसकी भूमि है उसकी सहमति लिये है। परन्तु हैंडपंप जून 2025 में हुआ है और सरपंच द्वारा अगस्त में एक 10 रू. का स्टांप लाकर स्वयं द्वारा लिखवाया गया है जिसमें नोटरी भी नही कराया गया है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि जलजीवन मिशन के अंतर्गत पी. एच. ई. विभाग द्वारा टंकी व पाईप लाईन का पूर्व में ग्राम में कार्य कराया गया था। जिसमें सरपंच द्वारा 80 हजार रू. का रिपेरिंग कार्य 15 वे वृत्त की राशि से कराया गया है। सिर्फ रिपेयरिंग में इतना जादा खर्च संदेह जनक है। वहीं दूसरी ओर पंचायत चुनाव में लगभग 90 हजार रू. का खर्च भी 15 वे वृत्त की राशि से इनके द्वारा खर्च किया गया बताया गया है। आरोप लगाया गया है कि ग्राम सभा मीटिंग मे बिना एजेंडा लिखें पंजी मे ग्राम वासियों को हस्ताक्षर कराया जाता है । सचिव के द्वारा वित्तीय अनियमितता किया गया है जिसकी जांच कराया जाए जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो।
एसडीएम ने दिए जांच के आदेश।
पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए डोंगरगढ़ एसडीएम एम भार्गव ने नायब तहसीलदार मेघा जैन को संबंधित अधिकारी के द्वारा जांच कराए जाने निर्देशित किया गया है।
आरोप निराधार है। जरूर जांच होनी चाहिए – सचिव
इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत चौथना की सचिव श्रीमती वंदना मेश्राम ने ग्रामीणों के द्वारा लगाए गए सारे आरोपों को सिरे से खारिज करते निराधार बताया गया। श्रीमती मेश्राम ने बताया कि जलजीवन मिशन के अंतर्गत पीएचई विभाग द्वारा टंकी पाईप लाइन में बोर रिपेरिग का कार्य पूरी जानकारी राशि सहित पंचों को दी गई है। वहीं आश्रित ग्राम में 40 हजार की राशि से बोर खनन का कार्य किया गया है जिसमें जमीन मालिक द्वारा उक्त जमीन को दानपत्र के माध्यम से पंचायत को दिया गया है। जिसका सत्यापित दस्तावेज ग्राम पंचायत में है जिसकी कॉपी जनपद सीओ व करारोपण अधिकारी को दिखाई गई है। वहीं ग्राम सभा की बैठक में बिना एजेंडा हस्ताक्षर के मामले में बताया गया कि ग्राम सभा के दौरान एजेंडा लिखते समय लोग काम का बहाना बना कर हस्ताक्षर कर बीच में ही उठकर चले जाते हैं, जिसमें सचिव व सरपंच का क्या दोष? वहीं दूसरी ओर पंचायत चुनाव में 90 हजार रूपये खर्च किए जाने के आरोप को सरासर गलत बताते हुए कहा कि कुछ लोगों के द्वारा मनगढ़त कहानी बनाकर शिकायत की गई है जो बेबुनियाद है और मामले में सूक्ष्मता से जांच होनी चाहिए तभी सच्चाई खुलकर सामने आएगी ।