रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय
रीवा के समान थाना क्षेत्र से कानून व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। रतहरा की रहने वाली एक महिला बस संचालक, संजना शुक्ला ने सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर बीट प्रभारी आरक्षक पवन पाठक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
क्या है पूरा मामला?
अवैध वसूली का खेल: महिला ऑपरेटर का आरोप है कि आरक्षक द्वारा उनके बस स्टाफ से हर महीने 2 हजार रुपये की ‘फिक्स एंट्री’ मांगी जा रही थी।
विरोध पर प्रताड़ना: जब स्टाफ ने पैसे देने से मना किया, तो वैध रूट परमिट होने के बाद भी बसों को बीच रास्ते में रोकना और टाइम टेबल बिगाड़ना शुरू कर दिया गया।
झूठे केस की धमकी: आरोप है कि आरक्षक ने ड्राइवरों और कंडक्टरों को किसी भी झूठे क्रिमिनल केस में फंसाकर जेल भेजने की खुली धमकी दी है, जिससे पूरा स्टाफ दहशत में है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी आरती सिंह ने जांच के आदेश दे दिए हैं और कहा है कि सच सामने आने पर सख्त कार्रवाई होगी। लेकिन सवाल यह है कि सुरक्षा देने वाली पुलिस ही अगर व्यापारियों को डराने लगे, तो जनता कहाँ जाएगी?