मयूरभंज जिले के बड़साही इलाके से इस वक्त बाढ़ से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। गंगाहार और बूढ़ाबलंग नदी में बार-बार आने वाली बाढ़ के कारण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। हजारों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न होने से फसल बर्बाद होने का आरोप है। समस्या के स्थायी समाधान के साथ प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग को लेकर क्षेत्रीय बाढ़ नियंत्रण समिति ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।बड़साही ब्लॉक से होकर बहने वाली गंगाहार और बूढ़ाबलंग नदी में बार-बार आने वाली बाढ़ के कारण इलाके में भारी तबाही हुई है। खासकर गंगाहार नदी के किनारे बने तटबंध में कई जगह दरार और कटाव होने से बाढ़ का पानी खेतों में घुस गया।मानगोविंदपुर, शालगांव, चंदनपुर और मानत्री पंचायत क्षेत्रों में हजारों एकड़ कृषि भूमि पानी में डूब गई, जिससे किसानों की फसल बर्बाद होने की बात सामने आई है।
इस समस्या के स्थायी समाधान और प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देने की मांग को लेकर क्षेत्रीय बाढ़ नियंत्रण समिति की ओर से मयूरभंज जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।समिति ने गंगाहार तटबंध में बने कटाव और क्षतिग्रस्त हिस्सों की आपातकालीन आधार पर अस्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। साथ ही नदी के दोनों किनारों पर स्थायी सुरक्षा दीवार और मजबूत तटबंध का निर्माण कर भविष्य में बाढ़ से क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।इसके अलावा बर्बाद हुई फसलों का उचित आकलन कर प्रभावित किसानों को पूर्ण मुआवजा उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई है।समिति के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन की ओर से इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलनात्मक कदम उठाया जाएगा।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज की रिपोर्ट।