*राजनीतिक दलों को भारी पढ़ रहा चुनावी रण मे उम्मीदवार को उतारना ,बगावत करने वाले अपने ही होंगे*
*नगरपालिका चुनाव को लेकर मच रहा घमासान,टिकट नहीं मिला तो लड़ेंगे निर्दलीय,जवान तो क्या बूढ़े शेर भी दिखा रहे अपनी ताकत*
आशीष चावड़ा,जिला ब्यूरो चीफ,मंदसौर
मंदसौर में नगर पालिका चुनाव के 40 वार्डो में मच रहा घमासान ,पार्टी से टिकट नहीं मिला तो लड़ेंगे निर्दलीय,अब बात विस्तृत से करते है जैसे जैसे नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने का समय नजदीक आता जा रहा है राजनीतिक दलों बीजेपी हो या कांग्रेस दोनों दलों में मंदसौर के वार्डो में रहने वाले राजनीतिक पार्टी के समर्थक अपनी उम्मीदवारी को लेकर अपने पार्टी के वरिष्ठ से लगातार संपर्क में बने हुए है और इस बार के नगरपालिका चुनाव में पार्षद का चुनाव लडने के लिए अपनी दावेदारी दिखा रहे है।
और अपने वरिष्ठ को अपनी जीत का दिलासा भी दिला रहे हैं लेकिन इस बार का नगरपालिका चुनावों का रास्ता इतना आसान नहीं कि कोई भी दल जिसका वर्षों से किसी वार्ड में अपना या अपनी पार्टी का गढ़ बना रहा हो जीतना आसान नहीं होगा क्योंकि वास्तविकता में देखा जाए तो इस बार नगर पालिका चुनाव को लेकर लोगों ने लंबे समय तक इंतजार किया है और प्रत्येक पार्टी से जुड़ा कार्यकर्ता इस नगर पालिका चुनाव में चुनाव लड़ने का मन रखता है और लड़ना भी चाहता है ।
लेकिन राजनीतिक पार्टियां अपने हर कार्यकर्ता को इस चुनाव में उम्मीदवार के रूप में खड़ा नहीं कर सकती जिसके कारण उस पार्टी का कार्यकर्ता अपने मन में एक ही बात सोचता है मैंने सालों से किस पार्टी के लिए काम किया मेहनत की और हमेशा पार्टी को अपने क्षेत्र से विजय दिलवाई और आज पार्टी भी मुझे इस काबिल नहीं समझती कि मुझे पार्टी की ओर से इस नगर पालिका चुनाव में बतौर उम्मीदवार खड़ा कर दें आज तक मैंने जो अपनी पार्टी के लिए किया उसका नतीजा आज पार्टी ने मुझे दे दिया कि मैं चुनाव लड़ने के काबिल नहीं हूं और ना ही नगर पालिका चुनाव में अपनी पार्टी को अच्छे बहुमत से विजय दिला सकूं जो एक पार्टी की सोच है ।
लेकिन मुझे अगर पार्टी से पार्षद पद की उम्मीदवारी नहीं मिली पार्टी की ओर से तो मैं स्वयं अपने दम पर अपने काम के हौसले पर और क्षेत्रवासियों के लिए जो समय दिया उनके काम आया उन लोगों पर पूरा विश्वास है कि मैं अगर निर्दलीय भी पार्षद का चुनाव लड़ूंगा तो वह लोग मेरा साथ जरूर देंगे अगर पार्टी टिकट दे या ना दे तो मैं अपने क्षेत्रवासियों को उनकी भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचा सकता क्योंकि उन लोगों से हमेशा मैंने पार्टी के लिए वोट मांगे हैं और आज ही मांगता हूं लेकिन जब चुनाव लड़ने का अवसर आया तब पार्टी ने मुझे हल्के में ले कर बतौर उम्मीदवार मुझे टिकट ना देकर हल्के में ले लिया और मेरे क्षेत्र से दूसरे को उम्मीदवार के रूप में पेश किया तो उसका परिणाम विपरीत होता दिखेगा उसको लेकर मुझे उससे कोई पार्टी के प्रति मलाल नहीं है।
लेकिन मेरे क्षेत्र वासियों की खातिर उनकी भावनाओं को देखते हुए मैं खुद निर्दलीय रूप से नगर पालिका चुनाव में अपनी उम्मीदवारी दाखिल करूंगा क्योंकि मैं जानता हूं की जनता कि अपनी समस्या होती और समस्या का समाधान मेरे जैसे एक कार्यकर्ता के पास पहुंच कर जनता करवाती है और मैं भी उसे बखूबी अपना कर्तव्य समझकर पूरा करता हूं मेरे क्षेत्र की जनता मुझे अपना पूरा विश्वास रखती है और मुझे अपने क्षेत्र से अपने वार्ड से उनके प्रतिनिधि के रूप में मुझे पार्षद के रूप में देखना चाहती है लेकिन पार्टी अगर मुझे पार्षद का उम्मीदवार नहीं बनाती है तो मेरे साथ साथ मेरे क्षेत्र और मेरे वार्ड की जनता का भरोसा हमेशा मेरे ऊपर से उठ जाएगा ।
जिसका परिणाम जिस राजनीतिक दल से जुड़ा हूं उसको भुगतना पड़ेगा अब ऐसे हालातों मैं अपने क्षेत्र की जनता को नाराज नहीं कर सकता उसके लिए चाहे मुझे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ही अपना नामांकन अपने वार्ड से दाखिल करना पड़े और पार्टी के खिलाफ चुनावी रण में उतरना पड़े तो उसका मुझे कोई मलाल नहीं लेकिन समय आज भी पार्टी के पास पूरा है कि वह नगर पालिका चुनाव में अपने प्रत्याशियों का चयन सोच समझ गंभीर चिंतन, मनन के साथ करें अन्यथा परिणाम चुनावी नतीजों के साथ ही सामने आ जाएगा कि हमने कितनी बड़ी गलती करी कि आज हम नगर पालिका में काबिज नहीं हो पाए। इतना ही नहीं कुछ व्यक्ति अपने क्षेत्र में इतना दबदबा रखते हैं उनके क्षेत्र की जनता ही उन्हें अपना पार्षद पद उम्मीदवार देखना चाहती है ।
और उनसे अपने क्षेत्र के विकास के लिए अग्रसर करना चाहती है क्योंकि वह व्यक्ति सदैव अपने क्षेत्र और क्षेत्र वासियों का उनकी समस्याओं का समाधान बहुत ही कम समय में कर देता है जिसके कारण क्षेत्रवासियों की उम्मीद उसे अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रेरित करती है और अपने क्षेत्र से उसे पार्षद के रूप में देखना चाहती है चाहे वह किसी राजनीतिक दल से जुड़ा हो या निर्दलीय रूप में खड़ा हो।