प्रोफेसर अभय करंदीकर, सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार का सीमा सुरक्षा बल अकादमी, टेकनपुर का दौरा
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव, प्रोफेसर अभय करंदीकर ने 12 व 13 जुलाई 2025 को सीमा सुरक्षा बल अकादमी, टेकनपुर का दौरा किया। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने अकादमी से जुड़ी विभिन्न तकनीकी, शोधपरक एवं नवाचार परियोजनाओं का अवलोकन किया और स्वदेशी तकनीक के विकास की दिशा में बीएसएफ की पहल की सराहना की।
दिनांक 12 जुलाई 2025 को, उन्होंने सबसे पहले टियर स्मोक यूनिट का दौरा किया। इस दौरान डॉ. शमशेर सिंह, आईपीएस, एडीजी / निदेशक, सीमा सुरक्षा बल अकादमी, टेकनपुर ने प्रो. करंदीकर का स्वागत किया। इस अवसर पर श्री ब्रजेश कुमार, महानिरीक्षक एवं संयुक्त निदेशक तथा श्री उम्मेद सिंह, महानिरीक्षक भी उपस्थित रहे। भ्रमण के दौरान श्री वी. पी. बडोला, उप महानिरीक्षक एवं उनकी टीम ने विभिन्न प्रकार के टियर स्मोक म्युनिशन एवं लॉन्चिंग सिस्टम्स का सजीव प्रदर्शन प्रस्तुत किया। TSU के द्वारा विकसित ड्रोन के माध्यम से अश्रु गैस के गोले गिराने का सिस्टम एक अनूठे अनुसंधान प्रयास के रूप में सराहा गया। यह सिस्टम्स भारत में विकसित स्वदेशी, गैर-घातक रक्षा तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम उपलब्धि है।
इसके उपरांत प्रो. करंदीकर ने रुस्तमजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरजेआईटी) परिसर में एक “Drone Technology Lab” का उद्घाटन किया और इस महत्त्वपूर्ण विषय में अनुसंधान करने के लिए छात्रो को प्रेरित किया। उन्होंने संस्थान के छात्रों द्वारा तैयार किए गए तकनीकी प्रोजेक्ट्स का अवलोकन कर उनके कार्य की सराहना की। छात्रों ने उन्हें अपने नवाचारों का प्रत्यक्ष डेमो भी प्रस्तुत किया, इसमें छात्रो के द्वारा बनाए All Terrain Vehicle व Innovative bridge को भी दर्शाया गया। इस दौरान संस्थान के मुख्य प्रशासक श्री ए.के. आर्य, एवं प्राचार्य डॉ. प्रशांत जैन उपस्थित रहे। ड्रोन टेक्नोलॉजी लैब के फैकल्टी कोऑर्डिनेटर ने बताया कि इस प्रकार की नवाचार तकनीक न केवल रक्षा और सीमा प्रबंधन, बल्कि कृषि, आपदा प्रबंधन, निगरानी आदि क्षेत्रों में भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकती हैं।
इसके पश्चात प्रो. करंदीकर ने Police Technology Innovation Centre के अंतर्गत CENWOSTO का भ्रमण किया और वहां “Weapon Design Lab” का उद्घाटन किया। इस दौरान महोदय ने हथियारों के पुर्जे बनाने की उच्च कोटि कार्यशाला का अवलोकन किया और सीमा सुरक्षा बल के विभिन्न हथियारों व उपकरणों की जानकारी ली। इस अवसर पर तकनीकी प्रस्तुतिकरण भी आयोजित हुए, जिनमें— “पुलिस टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर” विषय पर श्री संजय शर्मा, उप महानिरीक्षक द्वारा और “स्कूल ऑफ ड्रोन वॉरफेयर” विषय पर ब्रिगेडियर (सेनि.) रुपिंदर सिंह, उप महानिरीक्षक द्वारा प्रस्तुति दी गई।
इसके उपरांत कौटिल्य सभागार में प्रो. करंदीकर ने “Strengthening National Security through Technological Innovation” विषय पर एक प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। इसमें उन्होंने आरजेआईटी के छात्रों, फैकल्टी, सीमा सुरक्षा बल अधिकारियों एवं प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए उनसे क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम सेंसिंग, जैसे अत्याधुनिक तकनीकी विषयों पर वर्तालाप किया और भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रो करंदीकर ने सीमा सुरक्षा बल अकादमी के सभी विंगो द्वारा किये जा रहे प्रयासों को सराहा व उनके अनुसंधानों को सहयोग देने का आश्वासन दिया।
डॉ. शमशेर सिंह, आईपीएस, एडीजी / निदेशक, सीमा सुरक्षा बल अकादमी, टेकनपुर ने कहा, “यह दौरा अकादमी की नवाचार क्षमता, शोध दक्षता और व्यावसायिक कौशल को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का एक ऐतिहासिक अवसर है।” संस्थान निकट भविष्य में छात्रों को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा एवं अनुसंधान के अवसर प्रदान करने हेतु अपनी सुविधाओं के निरंतर विस्तार की योजना बना रहा है।
13 जुलाई 2025 को, प्रो. करंदीकर ने डेमो एरिया में “Offensive & Defensive Operations में ड्रोन के उपयोग” पर आधारित प्रदर्शन भी देखा। यह प्रदर्शन आधुनिक युद्ध रणनीतियों में ड्रोन तकनीक की भूमिका को स्पष्ट रूप से दर्शाता है और सीमा सुरक्षा बल की तकनीकी सक्षमता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रो. करंदीकर का यह दौरा अकादमी के लिए अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।
रिपोर्ट गजेन्द्र सिंह यादव