ब्यूरो चीफ – राकेशमित्रजिला-कांकेर”
नागरिकता बचाओ अधिकार बचाओ” दिवस मनाया गया
कांकेर/ विश्व आदिवासी दिवस के पूर्व संध्या पर राजमिस्त्री मजदूर रेजा कुली एकता यूनियन ने “नागरिकता बचाओ अधिकार बचाओ”दिवस के रूप में पालन किया। इस अवसर पर एक विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया था। उक्ताशय की जानकारी यूनियन के जिला अध्यक्ष सागर साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
विचारगोष्ठी को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए यूनियन के राज्य कार्यकारी अध्यक्ष सुखरंजन नंदी ने बताया कि आज देश के विभिन्न राज्यों में भाषा के आधार पर किसी को अवैध घुसपैठियों के नाम पर प्रवासी मजदूरों पर हमला हो रहा है।दिल्ली,हरियाणा,महाराष्ट्र,गुजरात,
उड़ीसा,छत्तीसगढ़ जैसे भाजपा शासित राज्य सरकार जहां जहां पर है उन राज्यों में यह हमला सुनियोजित तरीके से अपनी राजनैतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने भाजपा पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि यह एक ऐसी पार्टी है जो देश की नागरिकों को धर्म,भाषा, जाति,प्रांत, क्षेत्र के आधार पर टुकड़े टुकड़े में विभाजन करना चाहती है। खासतौर पर उनका निशाना समाज के आदिवासी,दलित और मेहनतकश पर ही होता है।उन्होंने पूरे दुनियां के विकास में प्रवासी मजदूरों की अहम भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अमरीका,यूरोप,ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड जैसे विकसित देश के विकास में दूसरे देशों से उन देशों में आए प्रवासी मजदूरों का ही मुख्य योगदान रहा है।दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाली देश अमरीका में उनकी कुल आबादी के 20 प्रतिशत प्रवासी मजदूर है।देश और दुनिया के सभी प्रवासी मजदूरों को उनको जायज अधिकारों से वंचित किया जाता है और उनका पाशविक शोषण किया जाता है।
यूनियन के नेता ने कहा कि एक तरफ आज वैश्वीकरण का प्रचार कर पूरी दुनिया को एक ग्राम में तब्दील कर का प्रयास है,दुनिया के किसी भी कोने में उत्पादित वस्तु को कही पर भी बिक्री करने की खुली छूट है लेकिन श्रमिकों का श्रम जो श्रमिकों का वस्तु है उन श्रमिक को अपने श्रम जैसे वस्तु को देश के भिन्न राज्यों में बेचने पर अघोषित प्रतिबंध लगाया जा रहा है।एक तरफ अमरीका के राष्ट्रपति अमरीका में रह रहे भारतीयों श्रमिकों के हाथ पैर में बेड़ियां से जकड़ कर भारत भेज रहे और दूसरे तरफ हमारे देश की डबल इंजन की सरकार हमारे देश के नागरिकों को ही घुसपैठी बताकर बांग्लादेश में “पुश बैक” कर जबरन भेज रहे है।उन्होंने मजदूरों को आगाह करते हुए कहा कि जो लोग भाजपा को हिंदुओं की रक्षक मानकर भाजपा का समर्थन किए थे उन्हें अब भाजपा का असली चेहरा को समझ लेना चाहिए।अवैध घुसपैठियों के रूप में उड़ीसा के नवरंगपुर जिला में जिन 10 बांग्लाभाषियों को गिरफ्तार किया गया उनमें 9 लोग हिंदू है। नंदी ने तथ्य के साथ उदाहरण देते हुए कहा कि बांग्लादेश से घुसपैठ में हिंदुओं की संख्या अधिक है क्यों कि 1951 में बांग्लादेश की आबादी में हिंदुओं की आबादी करीब 25 प्रतिशत थी, और वर्तमान में यह घटकर सिर्फ करीब 8 प्रतिशत ही रह गया है।
उन्होंने कहा कि असल में पूरी दुनियां में यह रुझान है कि बाहरी लोग ही अंदरूनी समस्या का जड़ है।जबकि संकट आर्थिक है और इस आर्थिक संकट के असली कारण से ध्यान हटाने के लिए ही यह सब खेल खेला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा पहले मुस्लिम और ईसाइयों को अपने हमले का निशाना बनाया था अब भाषा के नाम पर एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया है। उनका कहना था कि जो नागरिकता कानून मोदी सरकार ने लागू किया है और नागरिकता प्रमाणित करने के लिए जिन दस्तावेजों को मान्य किया गया है उसमे भारी संख्या में आदिवासी, दलित और पिछड़ावर्ग के गरीब लोग भी प्रभावित होंगे।इसके खिलाफ अभी से प्रतिरोध की तैयारी करने पर उन्होंने बल दिया।
विचारगोष्ठी को यूनियन के उपाध्यक्ष नजीब कुरैशी ने कहा कि भाजपा का नारा” हिंदू,हिंदी, हिंदुस्तान” का असली राजनीति यह है कि सिर्फ हिन्दू और हिंदी भाषा को ही मान्यता देते है।फिर देश के आबादी का 8 प्रतिशत आबादी जो आदिवासी है जो हिन्दू धर्म को नहीं मानते,जिनके समाज में जाति व्यवस्था नहीं है जिनकी अपनी अलग बोली है जो बोली भारोपीय भाषा परिवार से संबंध नहीं रखते जो भाषा द्रविड़ भाषा परिवार का है उन आदिवासी समाज को भाजपा अपने निशाने में रखा हुआ है।उन्होंने जिला और संभाग में संघ की उस घिनौनी कृत्य का जिक्र करते हुए कहा कि वे आदिवासी समाज को ईसाई और गैर ईसाई के नाम पर विभाजित कर आपस में ही लड़ाने का कुचक्र चला रखा है। आदिवासी समाज को संघ और भाजपा के इस साजिश को समझने की आवश्यकता है।