चूनावढ़. सहायक कृषि अधिकारी क्षेत्र चूनावढ़ में सहायक कृषि अधिकारी व कृषि पर्यवेक्षकों द्वारा ग्राम पंचायत 27 जीजी, चूनावढ़, 3 एच छोटी के विभिन्न चको में सहायक कृषि अधिकारी अनिल कुमार वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक भूपेंद्र खेरवा , प्रियंका व पल्लवी ने संयुक्त भ्रमण कर फसलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कपास फसल पर गुलाबी सुंडी का आक्रमण आर्थिक स्थान स्तर से कम पाया गया।
जानकारी अनुसार बीटी कॉटन फसल के लिए अनिल कुमार ने बताया कि फसल की बुवाई के 40-50 दिन पश्चात् दो फेरोमोन ट्रैप प्रति एकड़ लगाएं। 5-8 पतंगे प्रति ट्रैप लगातार तीन दिन तक आने पर व 100 फूलों में 5 से 10 फूल बंद (रोजेटी फूल) दिखाई देने पर या 20 हरे टिंडे (10 से 15 दिन पुराने बड़े आकार के खोलने पर) एक या दो टिंडो में गुलाबी सुंडी मिलती है। तो 61 से 120 दिन तक की फसल में इमामेक्टिन बेंजोएट 5 एस डी 50 ग्राम या प्रोफेनोफास 50 ई सी 200 मिली या इंडेक्सोंकार्ब 14.5 परसेंट ई सी 100 मिली कीटनाशक को 100 लीटर पानी में घोलकर प्रति बीघा छिड़काव करें। भ्रमण के दौरान मूंग ग्वार आदि फसलों में रस चूसक किट जैसे थ्रिप्स, हरा तेला ,सफेद मक्खी, ग्रीन बग ,तथा ग्वार में तनाग़लन रोग बैक्टीरिया ब्लाइट के नियंत्रण हेतु विभागीय सिफारिश अनुसार कीटनाशक व फंगीसाइड छिड़काव की सलाह दी। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसलों का बीमा करवाने की अंतिम तिथि 14 अगस्त 2025 तक बढ़ाने के बारे में किसानों से बात कर अधिक से अधिक फसल का बीमा करवाने के लिए प्रोत्साहित किया।