किशोर कुमार दुर्ग छत्तीसगढ़ ब्यूरो चीफ इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
नो हेलमेट, नो फ्यूल” नीति लागू करके प्रशासन और पुलिस यह सुनिश्चित करते हैं कि लोग अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनें और सड़क पर सुरक्षित रहें. इसके मुख्य कारण हैं
पेट्रोल पंप पर हेलमेट पहनना इसलिए अनिवार्य है क्योंकि यह एक यातायात नियम है, जो सड़क हादसों में होने वाली मौतों और चोटों को कम करने के उद्देश्य से लागू किया गया है. मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अनुसार दोपहिया वाहन के चालक और पीछे बैठने वाले व्यक्ति दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है. “नो हेलमेट, नो फ्यूल” नीति लागू करके प्रशासन और पुलिस यह सुनिश्चित करते हैं कि लोग अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनें और सड़क पर सुरक्षित रहें.
इसके मुख्य कारण हैं:
सड़क सुरक्षा में सुधार:
यह नियम सड़क हादसों को कम करने के लिए बनाया गया है, खासकर उन दुर्घटनाओं में जिनमें सिर पर गंभीर चोटें आती हैं.
मोटर वाहन अधिनियम का पालन:
यह मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 129 के तहत अनिवार्य है जो दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनने का प्रावधान करती है.
जागरूकता अभियान:
यह नीति लोगों को हेलमेट पहनने की आदत डालने के लिए प्रोत्साहित करती है भले ही वे पेट्रोल लेने के लिए ही क्यों न गए हों.
दंड का प्रावधान:
कानून के उल्लंघन पर धारा 194D के तहत दंड का भी प्रावधान है, इसलिए पेट्रोल पंप संचालक और पुलिस नियमों का पालन
सुनिश्चित करते हैं.
जान की सुरक्षा:
हेलमेट पहनने से सिर की चोटें और मृत्यु का खतरा 48% तक कम हो जाता है, जिससे लोगों की जान बचती है.
हमारा एक निवेदन सभी पेट्रोल पंप संचालको से कोई भी व्यक्ति बिना हेलमेट के पेट्रोल लेने आए तो उनसे हाथ जोड़कर निवेदन करे नो हेलमेट नो फ्यूल पेट्रोल पंप संचालक अपने व्यापार के लिए चंद रुपयों के खातिर नियमों का उल्लंघन करते है अक्सर देखा गया है वहीं पे हेलमेट एक दूसरे का आदान-प्रदान करते रहते है। ऐसे हेलमेट exchange लेन देन करने वाले दोनों वाहन मालिकों पे कैसे कार्यवाही करेगी प्रशासन पेट्रोल पंप में जो सीसी टीवी कैमरा लगा है उसका क्या इस्तेमाल है
बिना हेलमेट के किसी भी पेट्रोल पंप में पेट्रोल दिया जाए शिकायत मिले तो हमे इस नंबर पे फोटो भेजे पंप के नाम के साथ लोकेशन भी
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