आनंद हॉस्पिटल बना मौत का अड्डा
गलत ऑपरेशन से मासूम रिहान जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा चंद पैसों में दबा सौदा, वीडियो वायरल जिले में भूचाल
मुजफ्फरनगर
जनपद के कुख्यात आनंद हॉस्पिटल ने एक बार फिर अपनी करतूतों से पूरे जिले को दहला दिया है। सोमवार देर रात यहां बड़ा बवाल खड़ा हो गया। परिजनों का आरोप है कि महज़ बुखार में भर्ती किए गए मासूम रिहान पुत्र आस मोहम्मद निवासी नियाजीपुरा का डॉक्टरों ने बिना वजह सिर का ऑपरेशन कर डाला। ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत बेहद नाजुक हो गई। आनन-फानन में दिल्ली रेफर करने के बाद कुछ ही घंटों में अस्पताल प्रबंधन ने रिहान को छुट्टी थमा दी। अब यह मासूम जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है
परिजनों का आरोप लापरवाही और मौत का सौदा
गुस्साए परिजनों ने कहा कि यह सीधा-सीधा लूट और इंसानियत से खिलवाड़ है। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने हंगामा बढ़ने पर पीड़ित परिवार को बहलाया-फुसलाया और चंद पैसों में मासूम की जिंदगी का सौदा करवा लिया। पैसों की अदायगी का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने आनंद हॉस्पिटल और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली की कलई खोल दी है
पहले भी विवादों में रहा आनंद हॉस्पिटल
स्थानीय लोगों ने बताया कि आनंद हॉस्पिटल का यह पहला कारनामा नहीं है। गलत इलाज, मोटी रकम वसूली, मरीजों से खिलवाड़ और दबंगई यहां आम हो चुकी है। हर बार सांठगांठ और पैसों की ताकत से मामले दबा दिए जाते हैं
जिले में उबाल – जनता, संगठन और विपक्ष सड़कों पर
यह मामला सामने आते ही जिलेभर में आक्रोश की लहर दौड़ गई
स्थानीय संगठनों और व्यापारी महासंघ ने चेतावनी दी है कि आनंद हॉस्पिटल पर तालेबंदी और दोषी डॉक्टरों की गिरफ्तारी न हुई तो जनआंदोलन होगा
विपक्षी दलों ने भी सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर तीखे सवाल दागे हैं उनका कहना है कि प्रदेश के अस्पताल अब इलाज नहीं, बल्कि लूट और मौत के अड्डे बन चुके हैं
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि जिले के सभी प्राइवेट हॉस्पिटलों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि ऐसे मौत के खेल का पर्दाफाश हो सके
उठे बड़े सवाल
क्या गरीबों और मासूमों की जिंदगी अब महज़ पैसों का सौदा बनकर रह गई है क्या स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सिर्फ फाइलों में कार्रवाई तक सीमित है कब तक सांठगांठ के दम पर मौत बांटने वाले अस्पताल बचते रहेंगे जिला प्रशासन पर दबाव
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की नींद उड़ गई है। जनता खुलेआम सवाल कर रही है कि अब तक आनंद हॉस्पिटल पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई लोग कह रहे हैं कि अगर दोषी डॉक्टरों की गिरफ्तारी और अस्पताल का लाइसेंस निरस्त नहीं हुआ, तो मुजफ्फरनगर में बड़ा जनविस्फोट तय है यह मामला अब पूरे प्रदेश में गूंज रहा है। लोग कह रहे हैं कि यदि सरकार ने अब भी आंखें बंद रखीं, तो आनंद हॉस्पिटल जैसे “मौत के अड्डे” आने वाले दिनों में और न जाने कितनी मासूम जिंदगियाँ लील जाएंगे
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़