नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग
“भारतीय परंपराओं में प्रबंधन” विषय पर हुआ व्याख्यान
आईआईएम त्रिची के निदेशक ने दिया व्याख्यान
भारतीय शास्त्रों से आधुनिक प्रबंधन को नई दिशा की प्राप्ति हो सकती है: प्रो पवन कुमार
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय पारंपरिक ज्ञान से समृद्ध बनाना: कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा
हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में शुक्रवार को मेरू (MERU) के तत्त्वाधान में नई शिक्षा नीति 2020 एवं भारतीय ज्ञान परंपरा श्रृंखला के अंतर्गत एक विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का विषय था “Management in Indian Tradition”। मुख्य वक्ता के रूप में IIM तिरुचिरापल्ली (Trichy) के निदेशक, प्रो. (डॉ.) पवन कुमार उपस्थित हुए।
अपने प्रेरणादायक वक्तव्य में प्रो. पवन कुमार ने कहा कि श्रीमद्भगवद् गीता और हमारे वेदों के ज्ञान को आज के प्रबंधन एवं जीवन में व्यावहारिक रूप से जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि भारतीय शास्त्रों में निहित मूल्य, नेतृत्वभाव और कर्मयोग की अवधारणा आधुनिक प्रबंधन को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने समझाया कि भारतीय शास्त्रों में निहित मूल्य, कर्तव्य, नेतृत्व एवं कर्मयोग की अवधारणाएँ आज के प्रबंधन क्षेत्र को नई दिशा और मजबूती प्रदान कर सकती हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने की। उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी होते हैं और उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इस ज्ञान का अधिकतम लाभ उठाएँ। कार्यक्रम के आरंभ में प्रबंधन विभाग के निदेशक डॉ. मो. मुख़्तार आलम ने विषय प्रवेश किया तथा मुख्य संसाधन व्यक्ति का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रबंधन विभाग के शिक्षक डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. कनुप्रिया गुप्ता, डॉ. मीता सिंह, डॉ. सरोज रंजन, डॉ. सीताराम पांडेय, डॉ. आई. एम. बी. कुजूर, डॉ. आशीष आनंद, डॉ. अज़हर अहमद । साथ ही विभिन्न विभाग के डीन, हेड, निदेशक एवं शिक्षकगण उपस्थित थे।
प्रबंधन के विद्यार्थियों के अतिरिक्त अन्य विभागों के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया। अंत के प्रश्न सत्र में विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे गए। प्रो. पवन कुमार ने सभी प्रश्नों का उत्तर धैर्यपूर्वक और विस्तृत रूप से दिया, जिसे सभी ने अत्यंत उपयोगी पाया।
विद्यार्थियों ने सत्र को अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम के अंत में अतिथि का सम्मान किया गया तथा विश्वविद्यालय ने उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। मंच संचालन डॉ. कानुप्रिया गुप्ता द्वारा सुचारू रूप से किया गया।