इंडियन टीवी न्यूज़ जिला रिपोर्टर पूर्णेन्द्र यादव मुंगेली छत्तीसगढ़
मुंगेली , लोरमी ब्लॉक सेवा सहकारी समिति मर्या फूलझर किसानों के खून पसीने से कमाई गई धान को चोरी छिपे घमेले से निकलते दिखे दो युवक। धान खरीदी प्रभारी ओंकार साहू थे सेवा सरकारी समिति से नदारत।
जब हमने ऑन कैमरा सेवा सहकारी समिति मर्या फुलझर के कंप्यूटर ऑपरेटर और इंस्टापो से इस मामले की जानकारी लेनी चाहिए तो उनके कंप्यूटर ऑपरेटर के द्वारा हमें कैमरा बंद करने को कहा गया। और हमें बोलने लगे की तहसीलदार और एसडीएम के द्वारा पंचनामा बनाकर आदेशित किया गया कि नए जो बार दाना है वो बहुत छोटी है इसलिए उसमें अगर अधिक धान भर्ती किया गया है तो उस धान को घमेले से खाली करके सिलाई किया जाए। अब यहां पर सोचने वाली बात ऐ है कि सरकार ने आखिर इतनी छोटी बारदाना क्यों दी जिसमें किसानों की 40 किलो 700 ग्राम धन ना आए। लेकिन सच तो ऐ है कि नए बारदाना में भी 40 किलो 700 से भी अधिक धान आती है। इसके साथ ही किसानों के धान को तौल करते समय जान पूछ कर जमीन पर गिरते हैं। ताकि उसे झरन के नाम से स्टोरेज करके अपनी पर्सनल जब भरी जाए। कुल मिलाकर अगर देखा जाए तो धान खरीदी केंद्रों के प्रबंध प्रभारी एवं इंस्टापो के द्वारा किसानों के खून पसीने और मेहनत से कमाई गई धान को दीमक की तरह चाटने का काम कर रहे हैं। सभी धान खरीदी सेवा सहकारी समितियों में बाउंड्री वॉल कांटा तार त्रिपाल भूसा जैसे कई चीजों के व्यवस्था बजट के लिए सरकार के द्वारा भी दिया जाता है इसमें भी झोलझाल करके सरकार को चूना लगाने का कार्य किया जाता है। जरूरत है सभी धान खरीदी मंडीयो में शासन के द्वारा उचित जांच होनी चाहिए ताकि कोई भी किसानों की खून पसीने और मेहनत से कमाई हुई धान का गलत इस्तेमाल न कर सके।