*गरीब विरोधी नगर परिषद या भाजपा प्रशासन ?*
डिंडोरी नगर पंचायत परिषद द्वारा नगर विकास के नाम जिस तरह रोजी रोजगार करके अपना परिवार चला रहे लोगों को को तोड़ने का काम किया जा रहा है उसे देखकर लोग कह रहे हैं कि क्या नगर पंचायत परिषद व जिला प्रशासन गरीब विरोधी है l

यदि नहीं तो मुख्य मार्ग के दोनों ओर सड़क तक समान जमाए बैठे दुकानदार क्या इनके रिश्तेदार लगते हैं l जिन्होंने लगभग 2 किलोमीटर के मुख्य मार्ग के दोनों ओर के फुटपाथ पर अपना स्थाई कब्जा जमा रखा है l जिसके कारण न केवल यातायात प्रभावित होता है के साथ ही साथ पैदल चलने वालों के लिए जगह भी नसीब नहीं होता l

इस और प्रशासन क्यों ध्यान नहीं देता इसको लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं लोगों में होती हैं l चर्चाओं में लोग तो यह तक कह रहे हैं कि आप भाजपा समर्थित हो जाओ और सड़क तक अपना सामान फैलाओ कोई कुछ नहीं बोलेगा सच्चाई क्या है यह तो प्रशासन ही बता सकता है l
पिछले कुछ दिनों से भाजपा कार्यालय के पास सड़क किनारे रोजी रोजगार करने वाले दुकानदारों पर प्रशासन की टेढ़ी नजर पड़ी l यहां बैठकर रोजी रोजगार करने वाले लोगों को हटा, यहां लोगों के बैठने के लिए पार्क बनाने की योजना बना काम शुरू करवा दिया गया l जिन्हें आज दिनांक 26/4/2022 पूरी तरह बेदखल कर दिया गया l सड़क किनारे बैठ कर धूप बरसात का दंश झेलने वाले लोग यदि पूंजीपति होते या राजनैतिक रसूखदार होते तो शायद यह भी सड़क पर अपनी दुकानदारी चला रहे होते l
नगर परिषद द्वारा कभी भी इस तरह के छोटे दुकानदारों के हिसाब से दुकान बनाने या इनकी व्यवस्था करने की दिशा में कोई योजना नहीं बनाई गई और न ही इस और कभी ध्यान भी दिया गया l ऐसा भी नहीं है कि नगर परिषद द्वारा दुकाने नहीं बनाई गई नगर परिषद द्वारा बनाई गई दुकानों में केवल पूंजीपति और राजनेताओं का कब्जा है l इनमें राजनीतिक रसूख रखने वाले लोग अपनी दो नंबर की आय को एक नंबर में बताने नगर परिषद की दुकाने ले ली और उसे किराए पर चला रहे हैं l ऐसे लोग अपनी चुनावी घोषणा पत्र में दुकान किराए से अपनी आय भी बता रहे हैं l
इस तरह के पता नहीं कितने उदाहरण मिल जाएंगे l जिस से भी साबित होता है कि समूचा परिषद व जिला प्रशासन केबल व केवल रहीसो के हितों को ध्यान में रखकर काम करने में लगा हुआ है l यदि ऐसा नहीं होता तो शायद नगर परिषद मॉडर्न स्कूल के को खाली कराकर जहां दुकानें बनाने में लगा हुआ है, वहां अपना कार्यालय बना रहा होता l नगर परिषद बरसों से जनहित को ध्यान में रखकर बनाए गए मंगल भवन पर संचालित हो रहा है l नगर परिषद के मंगल भवन में संचालित होने को लेकर आज तक समूचा नगर खामोश बैठा हुआ है l नगर की जनता ने या कोई अन्य संगठन द्वारा इसके लिए आवाज भी नहीं उठाई गई l
एक और प्रदेश के देश के अन्य शहरों मे नगरों में वहां का प्रशासन सड़क को चौड़ा करने की दिशा में काम करते हुए लोगों के मकान तोड़ दिए l वहीं नगर परिषद डिंडोरी द्वारा मुख्य मार्ग के दोनों और बैठे दुकानदारों के हितों को ध्यान में रखकर फुटपाथ बनाए गए जिस पर पूंजीपति दुकानदारों का बेजा व स्थाई कब्जा है l अब इसी फुटपाथ पर नगर परिषद द्वारा बिजली के पोल लगाए जा रहे हैं l इन पोलो को जिस तरह से लगवाए जा रहे हैं उसे देखकर दुकानदारों में प्रसन्नता है दुकानदार खुश हैं कि कम से कम अब उनकी दुकान की सीमा बिजली के खंभे तक तो पक्की हो ही गई l किंतु गरीबों के आशियाने तोड़े जा रहे हैं उनकी दुकान दुकानों को हटा उन्हें बेरोजगार बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है l
नगर परिषद द्वारा बनाए गए दुकानों ग्राम पंचायत द्वारा बनाए गए दुकानों जिला चिकित्सालय द्वारा बनाए गए दुकानों को किसने ली उन पर व्यापार कौन कर रहा है किसकी रोजी-रोटी चल रही है l यदि इस ओर नजर डाली जाए तो पता चल जाएगा कि हमारे जनप्रतिनिधि किसके लिए काम कर रहे हैं l इनकी ही नीतियों के कारण छोटे दुकानदार व गरीब जो रोजी-रोटी कमाने के लिए फुटपाथ पर बैठे रहते हैं की ओर ध्यान नहीं दिया गया न ध्यान दिया जा रहा है l
.यही स्थिति रही तो डिंडोरी जिला मुख्यालय में गरीब दुकानदार या फुटपाथ पर बैठकर रोजी रोजगार करने वाले लोगों लोग पूर्व र्हो चुके होंगे और शायद यही चाहती है भाजपा शासित नगर पंचायत व जिला प्रशासन l
इंडियन टीवी न्यूज़ संवाददाता मो0 सफर ज़िला डिंडोरी मध्य प्रदेश