किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
मोबाइल टावरों को लेकर लोगों में अक्सर रेडिएशन और स्वास्थ्य को लेकर चिंता रहती है। लेकिन इस विषय में सही जानकारी जानना जरूरी है।
छत्तीसगढ़ में मोबाइल टावर लगाने के लिए राज्य सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा नियम बनाए गए हैं।
टावर से निकलने वाले रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) रेडिएशन की सीमा तय होती है और कंपनियों को उसी सीमा में काम करना होता है।
यदि नियमों का पालन न हो तो स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ सकते हैं।
संभावित खतरे जिनकी चर्चा अक्सर की जाती है:
लंबे समय तक अधिक रेडिएशन के संपर्क में रहने पर सिरदर्द, नींद की समस्या, तनाव जैसी शिकायतें कुछ लोग बताते हैं।
छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए सावधानी की सलाह दी जाती है।
वैज्ञानिक संस्थाओं के अनुसार अभी तक सामान्य सीमा वाले मोबाइल टावर रेडिएशन से गंभीर बीमारी का पक्का प्रमाण नहीं मिला है,
लेकिन अत्यधिक या अवैध रेडिएशन पर जांच आवश्यक होती है।
किन स्थितियों में शिकायत की जा सकती है:
बिना अनुमति रिहायशी मकान पर टावर लगाया गया हो।
स्कूल, अस्पताल या घनी आबादी में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हो रहा हो।
टावर से लगातार तेज आवाज, डीजल जनरेटर प्रदूषण या बिजली सुरक्षा खतरा हो।
स्थानीय नगर निगम/नगर पंचायत की अनुमति न ली गई हो।
टावर के पास रहने वालों को स्वास्थ्य या संरचनात्मक खतरा महसूस हो रहा हो।
शिकायत कहां करें:
दूरसंचार विभाग (DoT)
मोबाइल टावर रेडिएशन की जांच हेतु ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है।
Department of Telecommunications (DoT) EMF Portal
राज्य/स्थानीय नगर निगम या नगर पंचायत
यदि भवन अनुमति, नक्शा या अवैध निर्माण का मामला हो।
जिला कलेक्टर / SDM कार्यालय
जनसुनवाई में लिखित शिकायत दे सकते हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
यदि जनरेटर धुआं, ध्वनि प्रदूषण या पर्यावरण समस्या हो।
राज्य विद्युत सुरक्षा विभाग
यदि बिजली सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हो रहा हो।
शिकायत करते समय ये जानकारी दें:
टावर का पूरा पता
फोटो / वीडियो
किस कंपनी का टावर है
कब लगाया गया
क्या अनुमति बोर्ड लगा है या नहीं
आसपास स्कूल/अस्पताल/आवासीय क्षेत्र की जानकारी