राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी। जिला चिकित्सालय में जलभराव और गंदगी की समस्या को लेकर कलेक्टर आशीष तिवारी की सख्ती का असर कुछ ही घंटों में देखने को मिला। शुक्रवार सुबह किए गए औचक निरीक्षण में कलेक्टर ने अस्पताल परिसर की जाम नालियों और अव्यवस्थित ड्रेनेज व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए तीन दिन के भीतर प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आदेश के तुरंत बाद संबंधित विभागों का अमला मौके पर पहुंच गया और ड्रेनेज सुधार कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जिला चिकित्सालय जैसे संवेदनशील संस्थान में जलभराव और गंदगी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) और अस्पताल प्रशासन को संयुक्त रूप से जिम्मेदारी सौंपते हुए निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए स्थायी और वैज्ञानिक ड्रेनेज व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।
कलेक्टर के निर्देशों के पालन में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के डिप्टी जनरल मैनेजर मानवेन्द्र सिंह, एसडीओ अभिराज सिंह और इंजीनियरों की टीम ने उसी दिन अस्पताल परिसर का विस्तृत तकनीकी सर्वे किया। सर्वे के दौरान नालियों की स्थिति, जल निकासी मार्ग, ढाल और जल प्रवाह का निरीक्षण कर समस्या वाले सभी स्थानों की पहचान की गई और सुधार कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई।
इसके बाद संबंधित निर्माण एजेंसी और ठेकेदार को नालियों की सफाई, अवरोध हटाने, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत और ड्रेनेज नेटवर्क को तकनीकी मानकों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों के अनुसार पूरा कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है, ताकि तय समय-सीमा में अस्पताल परिसर को जलभराव से मुक्त किया जा सके।
प्रशासन का कहना है कि उद्देश्य केवल तत्काल पानी की निकासी कराना नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी और वैज्ञानिक ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करना है, जिससे हर बारिश में अस्पताल परिसर सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बना रहे। इससे मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्य सेवाओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।