रिपोर्ट अभिषेक कुमार पाण्डेय
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में आज 03 अगस्त 2026 को मंडल रेल प्रबंधक परिसर स्थित पुस्तकालय में अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री के श्रीनिवास की अध्यक्षता एवं सहा. कार्मिक अधिकारी व प्रभारी राजभाषा अधिकारी श्री भास्कर गुहा की उपस्थिति में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जी की 140 वीं जयंती मनाई गई । इस अवसर पर मंडल कार्यालय परिसर स्थित विभिन्न विभागों में कार्यरत साहित्यिक अनुरागी कर्मचारीगण उपस्थित हुए सर्वप्रथम अध्यक्ष एवं अपर मंडल रेल प्रबंधक द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ । तत्प्श्चात मैथिलीशरण गुप्त जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण किया गया एवं उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा श्रद्धासुमन अर्पित किए गए इस अवसर पर श्री राकेश कुमार श्रीवास, लोको पायलट(गुड्स),बिलासपुर ने राष्ट्रिकवि मैथिलीशरण गुप्त जी की जीवनी एवं उनकी अनुपम कृतियों पर प्रकाश डाला एवं श्री सुधीर कुमार, कार्यालय सहायक ने उनकी कविताओं का पाठ किया प्रभारी राजभाषा अधिकारी ने कहा कि हम साहित्यकारों की जयंतियाँ मना कर समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं | उन्होने बताया कि जब हिन्दी साहित्य खड़ी बोली के विकास के दौर से गुजर रहा था, तब मैथिलीशरण गुप्त जी ने अपनी सरल, सहज और प्रभावशाली भाषा के माध्यम से यह सिद्ध किया कि हिंदी केवल साहित्य की भाषा ही नहीं, बल्कि समाज को जागृत करने और राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने का सशक्त माध्यम भी है | उनकी रचनाओं में राष्ट्रीयता, सामाजिक चेतना, नारी सम्मान, मानवीय संवेदनाएं तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है |कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि भाषा केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय पहचान की आधारशिला है | गुप्त जी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता, नारी सम्मान, सांस्कृतिक गौरव तथा मानवीय संवेदनाओं को अत्यंत प्रभावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त किया |अंत में उन्होने कहा कि आप सभी राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ एवं संघ की राजभाषा नीति का शत-प्रतिशत अनुपालन कर राजभाषा हिंदी के प्रयोग में उतरोत्तर वृद्धि करें |