किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
जगदलपुर। मानसून के दौरान बस्तर जिले में आई फ्लू (कंजंक्टिवाइटिस) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले एक महीने में जिले में 600 से अधिक लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। जिला अस्पताल महारानी और मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज आंखों से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लापरवाही संक्रमण के फैलाव को बढ़ा सकती है। विभाग ने लोगों से साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचने और किसी भी प्रकार की आंख संबंधी समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लेने की अपील की है।
बारिश के मौसम में बढ़ता है खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक, बारिश के मौसम में बढ़ी नमी और धूल के कारण कंजंक्टिवाइटिस का संक्रमण तेजी से फैल सकता है। यह आंख की बाहरी पारदर्शी झिल्ली का वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से आसानी से फैलता है। समय पर उपचार और सावधानी बरतने पर यह संक्रमण सामान्यतः 7 से 15 दिनों में ठीक हो जाता है।
घरेलू उपचार से बचने की सलाह
सीएमएचओ डॉ. संजय बासक ने बताया कि बारिश के मौसम में हर वर्ष आई फ्लू के मामले सामने आते हैं। वर्तमान में महारानी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में नियमित रूप से मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले के सभी बीएमओ और नेत्र रोग विशेषज्ञों को मरीजों की काउंसलिंग करने, समय पर उपचार उपलब्ध कराने और बचाव संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से कहा है कि यदि आंख लाल होना, पानी आना, खुजली, जलन या चिपचिपापन जैसी समस्या दिखाई दे तो घरेलू नुस्खों का सहारा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। डॉक्टरों का कहना है कि आई फ्लू सामान्य संक्रमण है, लेकिन समय पर इलाज और सावधानी से इसके फैलाव को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।