संवाददाता राहुल सिंह चौहान
सरदारपुर – वन परिक्षेत्र सरदारपुर के अंतर्गत वन्यजीवों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने एवं जंगलों की निरंतर निगरानी में समर्पित मैदानी अमले का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से ‘मेरी बीट मेरा अभिमान’ अभियान के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह महत्वपूर्ण आयोजन श्रीमान वन मंडलाधिकारी विजयआनंदम टी.आर. के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है
वन मंडलाधिकारी का संदेश एवं प्रशिक्षण का महत्व:
आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वन मंडलाधिकारी श्री विजय आनंदम टी.आर. ने कहा कि “मैदानी वनकर्मी हमारी वन सुरक्षा प्रणाली की सबसे मजबूत कड़ी हैं तनावमुक्त वातावरण, बेहतर संवाद और आधुनिक कौशल से सुसज्जित होकर ही हमारा अमला जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा को अधिक प्रभावी और संवेदनशीलता के साथ अंजाम दे सकता है
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वनरक्षकों को कठिन फील्ड ड्यूटी के दौरान तनावमुक्त रहते हुए कार्य करने, अपनी टीम के साथ सुदृढ़ समन्वय स्थापित करने तथा स्थानीय नागरिकों व ग्रामीणों के साथ सकारात्मक एवं प्रभावी संवाद बनाने के गुण सिखाना है
अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन:
कार्यशाला में आमंत्रित मुख्य प्रशिक्षक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल नंदिनी सेन, प्रकृति मैडम एवं तुलसी मैडम द्वारा कर्मचारियों को मानसिक रूप से मजबूत रहने तथा सकारात्मक सोच के साथ फील्ड में कार्य करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न ग्रुप एक्टिविटीज, संवाद सत्र, टीम-बिल्डिंग और तनाव प्रबंधन से जुड़ी प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से कर्मचारियों को आपसी सहयोग की सीख दी जा रही है
प्रमुख गतिविधियां एवं विषय:
बीट एवं वन्यजीव सुरक्षा: बीट की नियमित निगरानी, वन्यजीवों की सुरक्षा, अवैध कटाई और शिकार पर कड़ी नजर रखने के तरीके
सूचना तंत्र व समन्वय: जंगल में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने, ग्रामीणों व स्थानीय लोगों से बेहतर तालमेल स्थापित करने तथा आपात स्थिति में वरिष्ठ अधिकारियों को त्वरित सूचना देने की कार्यप्रणाली
मानसिक स्वास्थ्य व नेतृत्व: फील्ड ड्यूटी के दौरान तनाव प्रबंधन, त्वरित निर्णय क्षमता और टीमवर्क का विकास
उपस्थिति एवं व्यवस्थाएँ:
कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी सरदारपुर डॉ. शैलेंद्र सोलंकी, उपवन क्षेत्रपाल जोगड़ सिंह जमरा, विक्रम निनामा, सुरेंद्र वास्केल, अमन सिंह टैगोर एवं अन्य 35 वन रक्षक उपस्थित रहे
कार्यक्रम में समस्त व्यवस्थाएं मनीष पाल सिंह राठौड़ के द्वारा की गईं