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जिम्मेदारों की अनदेखी से परेशान हो रहे अन्नदाता

संवाददाता सुरेंद्र पांडे पवई की रिपोर्ट 

,, जिम्मेदारों की अनदेखी से परेशान हो रहे अन्नदाता,,

,,किसानों को लेकर विभाग लापरवाह करोड़ों खर्च के बावजूद भी शो पीस बनकर रह गई मिट्टी परीक्षण केंद्र,,

,,8 साल बाद भी शुरू नहीं हुई 38 लाख से तैयार मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला,,

एंकर
एक ओर जहां सरकार मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए हर खेत का स्वाइल हेल्थ कार्ड बनाने की योजना के साथ किसानों की बदतर स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए अनेक योजना चल रही हैं लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी एवं कृषि विभाग के आला अधिकारियों के लापरवाही के चलते पवई विकास खंड के लगभग 40 हजार किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है किसानों के खेतों की मिट्टी का परीक्षण कर पोषक तत्वों की कमी व अधिकता पता करने के लिए स्थानीय तहसील मुख्यालय पवई में 7 से 8 साल पहले 30 से 40 लाख रुपए की लागत से मिट्टी परीक्षण केंद्र खोला गया है ताकि किसान इनके अनुसार आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति व फसल चयन कर बेहतर उत्पादन ले सके लेकिन जिम्मेदारों एवं स्टाफ व संसाधनों की कमी से मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में 7 से 8 वर्षों से अभी तक ताला लटका हुआ है नगर सहित क्षेत्र के 40 हजार के लगभग से अधिक किसानों को खेती मिट्टी परीक्षण के लिए इधर से उधर भटकने के साथ जिला मुख्यालय जाना पड़ता है गौरतलब है की वर्ष 2016 में कृषि विभाग द्वारा स्थानीय तहसील मुख्यालय से महज 2 किलो मीटर की दूरी पर कृषि मंडी के नजदीक पन्ना कटनी रोड में 30 से 40 लाख रुपए की लागत से मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण कराया गया है लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ शुरू नहीं हो पाया है पवई विकासखंड क्षेत्र से 82 ग्राम पंचायतों से 40 हजार से अधिक किसानों की आबादी जुड़ी है इन सभी किसानों को मिट्टी परीक्षण के लिए जिला मुख्यालय पन्ना जाना पड़ता है जिसमें किसानों की धन के साथ समय दोनों की बर्बादी होती है नुकसान होता है किसानों की समस्या को लेकर कृषि विभाग एवं जिम्मेदारों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है वही इस भवन में लाखों की मृदा परीक्षण करने वाली मशीन भी लगाई गई है जो प्रशासनिक लापरवाही के कारण खराब हो रही हैं लाखों की मशीन को चालू करने वाला कोई भी कर्मचारी नहीं है एवं इस महत्वाकांक्षी योजना पर जिम्मेदार अधिकारी सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे हैं वही भवन देखरेख के अभाव में बेहद खराब हो चला है एक तरफ सरकार किसानों को मृदा परीक्षण स्वास्थ्य उपलब्ध कराने का अभियान चला रही है वही पवई मुख्यालय में वर्षों पहले लाखों की लागत से बनी मिट्टी जांच प्रयोगशाला धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होती जा रही है जो विभागीय उदासीनता का कारण है लेकिन हैरानी की बात है जिम्मेदारों एवं संबंधित विभाग भारत सरकार की किसानों के लिए मात्र महत्वाकांक्षी योजना पर गंभीर क्यों नहीं है
वाइट कृषि विभाग अधिकारी मौर्य
संवाददाता , i n d tv, सुरेंद्र पांडे पवई की रिपोर्ट

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