पहले जमाने में समाजवादी पार्टी डॉक्टर राम मनोहर लोहिया जी समाजवाद व सांप्रदायिक विरोध की राजनीति करती थी वर्तमान में समाजवादी पार्टी ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के विचारधारा को अपनाकर मान्यवर काशीराम जी के सपनों को साकार करने के लिए पीडीए का फार्मूला अपना लिया है यह सब अपने आप में अचानक से नहीं हुआ इसमें सपा के बुद्धिजीवी संघर्षील विचारधारा वाले कार्यकर्ताओं का संगम व दलित नेता डॉ राहुल भारती ने जब से सपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की कमान संभाली तभी से समाजवादी पार्टी में बदलाव की लहर दिखाई दे रही है, आज समाजवादी पार्टी में बड़ी तादाद में दलित समाज अपने आप को सुरक्षित महसूस करते हुए सपा के साथ जुड़ रहा है तथा पीडीए के कारण ही आज समाजवादी पार्टी देश की तीसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी है और अगर हालात यही रहे देश की नंबर वन पार्टी बनने से कोई नहीं रोक सकता।
रिपोर्ट रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़