जिला-सिवनी ब्यूरो चीफ
अनिल दिनेशवर
@ “सत्याग्रह आंदोलन सिवनी में बैठी महिलाओं के दुःख तकलीफों के बीच दुःखद खबर आई दिव्या उइके क़ि हुई मृत्यु प्रशासन ने नही ली सुध”
” सोशल मीडिया और लिखित जानकरी देने के बाद भी किसी ने नही लि सुध जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन हैं मौन”

कहा गए सत्ता पक्ष और विपक्ष के लोग यहा कोई राजनैतिक लाभ उनको दिखाई नही दे रहा है तो किसी का ध्यान नही है
( समाज सेबी गौरव जैसवाल ने मानवता क़ि बड़ी मिशाल की पेश 11वर्षीय कक्षा तीसरी क़ि छात्रा दिव्या उइके को सिवनी हास्पिटल पर उपचार के दौरान जबलपुर मेडिकल हेतु अधिकृत करने पर उन्होने जबलपुर उपचार हेतु वाहन क़ि व्यवस्था क़ि और आर्थिक रूप से अन्य आवश्यक उपचार हेतु सामग्री क्रय हेतु 5000हजार क़ि मदद दी)
सिवनी- गत दिवस से जिला प्रशासन द्वारा विस्थापित परिवार को प्रशासन द्वारा मूलभूत सुविधाओ जेसे पानी, बिजली, सड़क, शौचालय और अन्य सेवाओ से वंचित होने पर स्थानीय विस्थापित गरीब परिवार को हो रही परेशानी के कारण प्रशासन और जनप्रतिनिधि से बारंबार निवेदन करने पर कोई उम्मीद क़ि किरणे नही मिली।।
तो उन्होने राष्ट्र पिता महात्मा गांधी क़ि शिक्षा का अनुसरण करते हुए सत्य से आग्रह…. सत्याग्रह आमरण अनशन का रास्ता चुना जिसकी सूचना जिला प्रशासन एवं जिला पुलिस प्रशासन को लिखित रूप से अवगत कराया फिर वो इस सत्याग्रह मे बैठे।।
दुर्भाग्य देखो क़ि सोशल मीडिया और मीडिया व समाचार पत्रो के माध्यम से उक्त सत्याग्रह क़ि जानकरी से अभी तक प्रशासन, जनप्रतिनिधि और सत्ता संगठन और विपक्ष अभी तक अंजान बने हुए है।।
बीते कल बिगड़े मौसम ऩे भी अपने अधिकारो के हित के लिऐ आमरण अनशन पर बैठे विस्थापित परिवारो के हौसलों को पस्त नही कर पाया किन्तु गत दिवस विस्थापित परिवार के स्थानीय पिता किशन उइके और माता दीपकुमारी क़ी ग्यारह वर्षीय दिव्या स्वास्थ अचानक खराब होने से उसे सिवनी हास्पिटल लेकर उचित उपचार को भेजा गया।।
जिसपर उन्होने जबलपुर मेडिकल कालेज हेतु उपचार क़ो ले जाया गया जिसका उपचार के दौरान जबलपुर मेडिकल कालेज मे सुबह 7:30 बजे वो ब्रम्हलीन (मृत्यु) हो गई जिसे दोपहर सिवनी विस्थापित जानवी नगर चूनाभट्टी बरघाट, सिवनी लाया गया जो परंपरिक रूप से अंतिम संस्कार किया जायगा