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पक्का पुल की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन में धनतुलसी में बड़ी संख्या संख्या में जुटे कोनियावासी

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उत्तर प्रदेश भदोही जनपद ज्ञानपुर तहसील की लाखों से अधिक जनता जो तीन तरफ गंगा से घिरे कोनिया क्षेत्र डीघ ब्लॉक में डेंगूरपुर धनतुलसी घाट पर कई दशकों से हो रही पक्के पुल की मांग को लेकर आज 30 जून को कोनिया वासियों ने बड़ी संख्या में जुट कर किया धरना प्रदर्शन। बता दें कि कोनिया क्षेत्र के लाखों से ज्यादा की आबादी की तरफ ने शासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा डेंगूरपुर धनतुलसी घाट गंगा नदी पर पक्के पुल निर्माण के लिए पिछले कई दशकों से प्रयत्न किया जा रहा है धनतुलसी में प्रस्तावित स्थल पर कोनिया में पक्का पुल निर्माण के लिए जो रूपरेखा है उसको बताते हुए कोनिया वासियों ने कहा की धनतुलसी से अपस्ट्रीम साइड में लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 जीटी रोड शास्त्री पुल प्रयागराज में पक्का पुल बना हुआ है और डाउनस्ट्रीम साइड मिर्जापुर की तरफ लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर मिर्जापुर में शास्त्री ब्रिज पक्का पुल बना हुआ है अब तक उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोनिया जैसे पिछड़े इलाके पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है कोनिया की जनता ने इस ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया कि इस पुल के अभाव में लाखों स्थानीय लोग जनपद भदोही से प्रयागराज मिर्जापुर सोनभद्र एमपी बिहार झारखंड से जुड़ने में बड़ी परेशानी का सामना कर रहे हैं,कोनिया धनतुलसी का यह पक्का पुल बन जाने से जहां उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की दूरी कम हो जाएगी ,दोनों प्रदेशों का व्यापारिक संबंध बढ़ेगा वही पर्यटन के स्थिति से भी देखा जाए तो विंध्याचल, सीतामढ़ी सेमराध,नाथ हरिहरनाथ जैसे तमाम पौराणिक स्थलों का जुड़ाव भी हो जाएगा । कोनिया में पक्का पुल निर्माण होने से लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर की दूरी जो जनमानस को तय करनी पड़ रही है उससे निजात तो मिलेगी ही, साथ ही तमाम रोजगार के अवसर भी खुलकर सामने आएंगे बेरोजगारों को रोजगार का अवसर भी प्राप्त होगा । गौरतलब है कि जब शासन के जनप्रतिनिधि अपने चुनाव के दौरान भदोही जिले में प्रचार प्रसार करते हैं तो कोनिया के पक्के पुल को जरूर अपने चुनावी एजेंडे में शामिल करते हैं लेकिन जैसे ही चुनाव बीत जाता है तो फिर पक्के पुल की बात ठंडे बस्ते में चली जाती है ।कोनिया का यह पक्का पुल बहुत ही बड़ा जनहित का कार्य है इस पुल से संयुक्त जनपदों का ,प्रदेशों का आर्थिक सामाजिक और व्यापारिक विकास होगा तीन तरफ से घीरे हुए कोनिया क्षेत्र को सुरक्षा भी मिलेगी ,आवागमन के साधन भी उपलब्ध हो सकेंगे। इस अति आवश्यक कार्य के लिए जहां 2017 में केंद्रीय परिवहन मंत्री ने सार्वजनिक रूप से गोपीगंज के रामलीला मैदान में कहा था, सन 2018 में सीतामढ़ी में उस समय के सांसद रहे वीरेंद्र सिंह मस्त ने भी शिलान्यास की घोषणा की थी, विधानसभा चुनाव के पूर्व जिले में हरिहरनाथ मंदिर पर आए के पी मौर्या तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री थे उपमुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने भी धनतुलसी घाट पर पक्के पुल की निर्माण फाइल स्वीकृति की बात कही थी, विधानसभा चुनाव में भी 2022 में उपमुख्यमंत्री के रूप में केपी मौर्या जी ने पक्के पुल की घोषणा की थी ,सीता समाहित स्थल में 2022 में जेपी नड्डा राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा रवि किशन शुक्ला सांसद गोरखपुर ने भी सार्वजनिक रूप से पक्के पुल निर्माण की स्वीकृति व शिलान्यास की बातें कही थी लेकिन आज तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है।आज यहां उपस्थित हजारों की भीड़,लोगों का यह हुजूम मांग करता है कि कोनिया को पिछड़ेपन से बाहर निकालने के लिए यह पक्का पुल अति आवश्यक है बहुत ही जरूरी है जल्दी ही इसका निर्माण होना चाहिए नहीं तो वृहद स्तर पर आंदोलन जिला मुख्यालय पर और माननीय मुख्यमंत्री के यहां लखनऊ में भी धरना प्रदर्शन किया जाएगा। आज के धरना प्रदर्शन में ज्ञापन माननीय जी को संबोधित करते हुऐ जिलाधिकारी महोदय को दिया गया है जिसमें 30 दिन की अवधि तय की गई है यदि 30 दिन के अंदर शिलान्यास नहीं कराया जाता है तो कोनिया की जनता जिला मुख्यालय पर सरपतहां में एक बड़ा आंदोलन 1 महीने के बाद पुनः करेगी जहां से कोनिया की जनता पुल नहीं तो वोट नहीं कोनिया मांगे पक्का पुल की मांग उच्च स्तर तक शासन तक पहुंचाने का कार्य करेगी

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