आदि कर्मयोगी अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में कलेक्टर ने मीडिया प्रतिनिधियों से की चर्चा
जिला ब्यूरो चीफ जावेद अली टीकमगढ़
टीकमगढ़ :कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने आज जिला मुख्यालय पर शासन द्वारा संचालित आदि कर्मयोगी अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में मीडिया प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की। चर्चा के दौरान कलेक्टर श्रोत्रिय ने बताया कि आदि कर्मयोगी, विकसित भारत के लिए एक आंदोलन है, जो सेवा, समर्पण और संकल्प से प्रेरित है, जिससे जनजातीय क्षेत्रों में उत्तरदायी शासन और अंतिम छोर तक सेवा संतृप्ति सुनिश्चित होगी। अभियान का उद्देश्य विकेन्द्रीकृत, सांस्कृतिक रूप से आधारित और प्रतिबद्ध परिवर्तन नेताओं के अभिसरण-आधारित कैडर के माध्यम से जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाना है ताकि अंतिम छोर तक योजनाओं एवं सोवाओं का वितरण सुनिश्चित किया जा सके और 2047 में विकसित भारत का सह-निर्माण किया जा सके। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ नवीत कुमार धुर्वे, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग मुकेश पालिवाल सहित संबंधित अधिकारी तथा जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्रोत्रिय ने बताया कि आदिवासी समुदाय के लिये दशकों के निवेश और अनेक योजनाओं के बावजूद, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, आजीविका, जल पहुँच और शासन-प्रशासन में व्यवस्थागत कमियाँ बनी हुई हैं। इन स्थायी चुनौतियों का समाधान करने और अंतिम छोर तक शासन और जन-केंद्रित विकास के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए, जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने आदि कर्मयोगी अभियान शुरू किया है जो जनजातीय क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर शासन और सेवा वितरण में आमूलचूल परिवर्तन लाने का मिशन है। श्रोत्रिय ने बताया कि जिला स्तर पर तीन दिवसीय डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अतंर्गत जिले चिहित 62 ग्रामों के क्लस्टर बनाकर, प्रत्येक ग्राम में आदि सेवा केन्द्र स्थापित करना, जिला, ब्लॉक और गाँव स्तर पर कियान्वयन के लिये प्रत्येक ग्राँच में सिविल सोसाइटी संगठनों (सीएसओएस) की पहचान करना एवं आदि सहयोगी नियुक्त करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। इसके तहत डिस्ट्रिक्ट मास्टर ट्रेनर्स, ब्लॉक मास्टर ट्रेनर्स, एन.जी.ओ. के वर्कस के द्वारा सिविल सोसाइटी संगठनों (सीएसओएस), आदि सहयोगी, संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव, आशा पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता एवं अन्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जायेगा, जिनके द्वारा जिला, ब्लॉक और जिले के चिहिंत 62 गाँवों में आदि कर्मयोगी अभियान के लिए समग्र जागरूकता कार्यक्रम चलाया जायेगा।जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग श्री मुकेश पालीवाल ने आदि कर्मयोगी अभियान के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुये बताया कि यह कार्यक्रम माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में बीटा रूप में लॉन्च किया गया है। आदि कर्मयोगी उत्तरदायी शासन कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी गाँवों को सशक्त, स्व-संचालित विकास पारिस्थितिकी तंत्र में बदलना है। ग्राम स्तर पर आदिवासी गांवों में सड़क संपर्क, पक्के आवास, पाइप पेयजल, घरेलू विद्युतीकरण, आयुष्मान भारत, बीमा नामांकन और डिजिटल समावेशन सहित महत्वपूर्ण सेवाओं की सार्वभौमिक संतृप्ति के साथ ही यह सुनिश्चित करना कि कोई भी आदिवासी परिवार पीछे नहीं छूट जाये।सहभागी ग्राम परिकल्पना अभ्यास, जहाँ प्रत्येक आदिवासी गाँव विकास संबंधी दृष्टि चित्रों, दृश्य दीवारों और ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित कार्य योजनाओं के माध्यम से अपने भविष्य को अभिव्यक्त करेगा। राज्य आदिवासी कल्याण विभाग (एसटीडब्ल्यूडी) इन्हें जिला और राज्य विकास रोडमैप में एकीकृत करेंगे। प्रत्येक जनजातीय गांव में मौजूदा समुदाय के स्वामित्व वाले स्थान का उपयोग करते हुए एक एकल खिड़की उत्तरदायी शासन केंद्र की स्थापना की जायेगी जो सूचना प्रसार, शिकायत निवारण और प्रशासन के साथ इंटरफेस के लिए एक केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा कलेक्टर श्रोत्रिय के समक्ष अपने विचार तथा प्रश्नों को रखा गया, जिस पर कलेक्टर श्रोत्रिय ने मीडिया प्रतिनिधियों को विस्तार से जानकारी दी।