मथुरा में युवती से रेप की हालिया घटना के बाद पुलिस प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया। लंबे समय से शहर में बिना वेरिफिकेशन के चल रहे ऑटो चालकों पर कार्रवाई न करने का खामियाजा एक निर्दोष युवती को भुगतना पड़ा। घटना के बाद पुलिस की नींद टूटी और आनन-फानन में पूरे शहर में ऑटो चालकों का वेरिफिकेशन अभियान शुरू कर दिया गया। इस दौरान कई ऑटो चालकों के पास न तो पहचान पत्र मिला और न ही वाहन के कागजात। पुलिस ने कई ऑटो जब्त किए और चालकों का सत्यापन कराया। शहरवासी अब मांग कर रहे हैं कि यह कार्रवाई स्थायी हो ताकि इस तरह की शर्मनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मथुरा में हाल ही में एक युवती से रेप की घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए। आरोप है कि शहर में लंबे समय से बिना सत्यापन के ऑटो चल रहे थे, जिनमें सवारियों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था।
युवती के परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया और पुलिस ने जांच शुरू की। मामले में आरोपित चालक की तलाश की जा रही है। घटना के बाद मथुरा पुलिस ने तुरंत ऑटो चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया।
पुलिस टीमों ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर चेकिंग की। अब तक करीब 250 ऑटो चालकों का सत्यापन किया गया है। कई ऑटो जब्त किए गए और दस्तावेज अधूरे मिलने पर चालान भी काटे गए।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि सभी ऑटो चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जा रहा है। SSP मथुरा ने आदेश दिया है कि बिना वेरिफिकेशन किसी भी ऑटो को सड़क पर नहीं चलने दिया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह कदम पहले उठाया गया होता तो युवती के साथ हुई यह शर्मनाक घटना टाली जा सकती थी। शिकायतकर्ता पक्ष ने न्याय की मांग की है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की अपील की है।
अब पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
मथुरा अजय सोलंकी